मुंबई आतंकी हमले के कथित मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद को अभी अपने ही घर में नजरबंद रहना होगा. स्थानीय अखबार डॉन के अनुसार लाहौर हाई कोर्ट के जजों वाले प्रांतीय समीक्षा बोर्ड ने गुरुवार को उसकी नजरबंदी को एक महीने के लिए बढ़ा दिया. इससे पहले पंजाब के गृह विभाग के अधिवक्ता अब्तुल सत्तार साहिल ने कहा कि हाफिज सईद को रिहा करने पर सुरक्षा की समस्या खड़ी हो जाएगी. जमात-उद-दावा (जेयूडी) प्रमुख हाफिज सईद की नजरबंदी का मौजूदा आदेश 26 अक्टूबर को समाप्त हो रहा था.

हालांकि, जस्टिस यावर अली की अध्यक्षता वाले समीक्षा बोर्ड ने हाफिज सईद के चार अन्य सहयोगियों की नजरबंदी को बढ़ाने से इनकार कर दिया. पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने इसी साल 31 जनवरी को आतंकवाद रोधी अधिनियम-1997 के तहत हाफिज सईद और उसके चार सहयोगियों को 90 दिन के लिए उनके घर में नजरबंद कर दिया था. इसके बाद से इनकी नजरबंदी को बढ़ाया जा रहा है. इस बीच इनकी नजरबंदी को चुनौती देने वाली एक याचिका पर लाहौर हाई कोर्ट ने 24 अक्टूबर तक सुनवाई रोक दी है.

उधर, पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने हाफिज सईद और उसके चार साथियों पर लगे आतंकवाद के आरोपों को वापस ले लिया है. द हिंदू के मुताबिक पंजाब सरकार के अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के समीक्षा बोर्ड को बताया कि इस वक्त हाफिज सईद और उसके चार सहयोगियों को आतंकवाद के आरोप में नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के कानून के तहत हिरासत में रखा गया है. इससे हाफिज सईद को मुंबई आतंकी हमले के आरोपों से भी छुटकारा मिल गया है. इसके साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित आतंकियों की सूची से उसका नाम बाहर निकलने का भी रास्ता साफ हो गया है.