हांगकांग की शीर्ष अदालत ने लोकतंत्र की मांग करने वाले दो सामाजिक कार्यकर्ताओं को जमानत पर रिहा कर दिया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक हांगकांग के चीफ जस्टिस जियोफ्रे मा ने जोशुआ वोंग और नाथन लॉ को हांगकांग के 50 हजार डॉलर (4.16 लाख रुपये) की जमानत राशि पर रिहा कर दिया. इससे पहले हांगकांग के एक अपीलीय न्यायालय ने अगस्त में दोनों लोगों को जेल भेज दिया था.

हांगकांग में 2014 में लोकतंत्र को मांग को लेकर लोगों ने छतरी के साथ आंदोलन किया था. इसमें प्रदर्शनकारियों ने शहर की प्रमुख सड़कों और व्यावसायिक जगहों पर कब्जा जमा लिया था. यह आंदोलन 79 दिन चला था. इसी मामले में जोशुआ वोंग और नाथन लॉ के साथ पूर्व छात्र नेता एलेक्स चाओ योंग-कांग को गैर-कानूनी रूप से सभा करने के आरोप में जेल भेजा गया था. जोशुआ वोंग और नाथन लॉ ने इसी फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देते हुए जमानत की मांग की थी. लेकिन, एलेक्स चाओ योंग-कांग ने अभी तक जमानत की याचिका नहीं लगाई है.

2014 के इस प्रदर्शन के लिए तीनों सामाजिक कार्यकर्ताओं को पहले सामुदायिक सेवा की सजा सुनाई गई थी. लेकिन 2016 में हांगकांग प्रशासन ने ज्यादा सख्त सजा की मांग करते हुए इसके खिलाफ अपील कर दी थी. इसके बाद अपीलीय अदालत ने तीनों कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया था. हांगकांग पर 1997 तक ब्रिटेन का शासन था, लेकिन इसके बाद ‘एक देश, दो व्यवस्था’ के सिद्धांत के तहत यह चीन के नियंत्रण में आ गया था.