छत्तीसगढ़ पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक वर्मा को शुक्रवार तड़के करीब 3.30 पर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक वर्मा पर आरोप है कि वे छत्तीसगढ़ के एक मंत्री को उनकी सेक्स सीडी के आधार पर ब्लैकमेल कर रहे थे. कहा जा रहा है कि वर्मा ने मंत्री के एक सहयोगी को इसी हफ़्ते फोन किया था और उनसे पैसों की मांग की थी. इस सिलसिले में रायपुर के पंडरी पुलिस थाने में उनके ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज़ कराई गई है. इसी के आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने दिल्ली की एक दुकान पर छापा मारा और वहां से कथित सीडी के करीब 1000 प्रिंट ज़ब्त किए.

सूत्रों के मुताबिक दुकानदार से पूछताछ के आधार पर गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित वर्मा के घर पर छापा मारा गया. यहां से विनोद वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया. गाजियाबाद पुलिस के सूत्रों ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया है कि वर्मा के पास से मंत्री की सीडी के कई प्रिंट बरामद किए गए हैं. उनके लैपटॉप और पेन ड्राइव को भी कब्ज़े में ले लिया गया है. विनोद वर्मा बीबीसी के पूर्व पत्रकार हैं. अमर उजाला के डिजिटल सेक्शन के संपादक भी रह चुके हैं. वर्तमान में वे एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के सदस्य हैं और स्वतंत्र पत्रकार की हैसियत से सक्रिय हैं.

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने इस गिरफ्तारी की निंदा की है. उन्होंने कहा, ‘मंत्री की सेक्स सीडी पिछले सप्ताह सामने आई थी. मेरे पास भी वह सीडी है. हम इसकी सत्यता की जांच करा रहे हैं. लेकिन किसी के पास किसी की सीडी होना कोई अपराध नहीं है जिसके आधार पर वर्मा को गिरफ्तार किया गया है. भाजपा सरकार की इस कार्रवाई से साफ है कि वह मामले को रफ़ा-दफ़ा करने की कोशिश कर रही है.’