गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार और राज्यसभा सांसद अहमद पटेल के इस्तीफ़े मांग की है. इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के मुताबिक़ शुक्रवार को विजय रूपाणी ने कहा कि हाल में गुजरात में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के जिन दो संदिग्धों को गिरफ़्तार किया गया उनमें से एक (मोहम्मद कासिम) को भरूच के उसी अस्पताल में नौकरी दी गई थी जिसे चलाने में अहमद पटेल की अहम भूमिका थी. विजय रुपाणी ने कहा कि अहमद पटेल सफ़ाई दें कि किन हालात में संदिग्ध को नौकरी दी गई और क्यों गिरफ़्तार होने से दो दिन पहले उसने नौकरी छोड़ दी.

विजय रूपाणी ने आरोप लगाया कि इन आतंकियों ने हिंदू पुजारियों और मंदिरों पर हमला करने की योजना बनाई थी. उन्होंने कहा कि इन दोनों युवकों के पास पासपोर्ट और वीज़ा भी थे ताकि वे विदेश भाग सकें. उन्होंने कहा, ‘अहमद पटेल ही वे व्यक्ति हैं जो भरूच के (सरदार वल्लभभाई पटेल) अस्पताल को चला रहे हैं जहां उसे (कासिम) नौकरी दी गई थी. अहमद पटेल पहले वहां के ट्रस्टी थे. उन्होंने 2014 में उस पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. हालांकि अस्पताल में उनकी प्रभावी भूमिका बनी रही.’ विजय रूपाणी ने कहा कि 2016 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को अस्पताल के एक कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था. उन्होंने कहा कि पटेल ने उस कार्यक्रम की मेज़बानी की थी और वे स्टेज पर नज़र आए थे.

अस्पताल की वेबसाइट से भी पता चला है कि अहमद पटेल अस्पताल की शुरुआत से उससे जुड़े रहे हैं. उन्होंने अस्पताल के लिए फ़ंड इकट्ठा करने में मदद की थी. अस्पताल के एक ट्रस्टी ने इसकी पुष्टि की है. हालांकि ट्रस्टी ने संदिग्ध आतंकी को लेकर लग रहे आरोपों की निंदा की. उन्होंने कहा कि संदिग्ध मोहम्मद कासिम स्टीमरवाला को सामान्य प्रक्रिया के तहत ही नौकरी दी गई थी. उधर, अहमद पटेल ने इन आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि वे और उनकी पार्टी एटीएस के काम की प्रशंसा करते हैं. भाजपा के आरोपों पर उन्होंने कहा कि चुनाव को देखते हुए मामले का राजनीतिकरण न किया जाए. उधर, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा को गुजरात में अपनी हार दिख रही है और विजय रूपाणी के आरोप अपनी सरकार की असफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश हैं.

बीते बुधवार को गुजरात के आतंक निरोधी दस्ते (एटीएस) ने आईएस के दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया था. सूरत से गिरफ्तार किए गए इन संदिग्धों की पहचान मोहम्मद कासिम स्टीमरवाला और उबेद अहमद मिर्ज़ा बताई गई थी. एटीएस का कहना है कि संदिग्ध अहमदाबाद के खादिया इलाक़े में यहूदी उपासनागृह में बहुत जल्द हमला करने की योजना बना रहे थे. स्टीमरवाला अस्पताल में लैब टेक्नीशियन था. वहीं उबेर अहमद सूरत जिला अदालत में वकील है. वह एक होटल का मालिक भी है. दोनों के खिलाफ आईपीसी की संबद्ध धाराओं और गै़रक़ानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.