देश की प्रमुख कार निर्माता कंपनी मारुति-सुज़की ने संकेत दिया है कि वह जल्द ही अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार बनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकती है. हालांकि मारुति-सुज़ुकी के चेयरमैन आर सी भार्गव का कहना है कि कंपनी ने अभी तक इसे लेकर कोई निश्चित तारीख़ निर्धारित नहीं की है. जानकारों के मुताबिक मारुति ने यह फैसला केंद्र सरकार की 2030 तक भारतीय बाजार से पेट्रोल-डीज़ल की कारों को हटाने और इलेक्ट्रिक कारों पर पूरी तरह से निर्भर होने की नीति को देखते हुए लिया है.

मौजूदा दौर में देखें तो बैटरी की ज्यादा कीमतें होने से हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों के दाम भी ज्यादा होते हैं जिसके चलते अपेक्षाकृत महंगी होने की वजह से भारत में इन कारों की बहुत कम बिक्री दर्ज होती है. इसके अलावा देशभर में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या न के बराबर है. इससे भी यहां लोग इलेक्ट्रिक कार खरीदने से बचते हैं. सूत्रों के मुताबिक इन चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार इलेक्ट्रिक कारों को लेकर नई नीतियों पर काम कर रही है जिन्हें वह साल के अंत तक सार्वजिनक कर सकती है.

सरकार की इस कवायद को लेकर ऑटो विशेषज्ञों का मानना है कि एक तरफ हमारे देश में अभी हजारों गांवों तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां इतनी जल्दी पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों पर निर्भर होने की उम्मीदें दूर की कौड़ी हैं. उनके मुताबिक सरकार की यह पहल नार्वे, नीदरलैंड और जर्मनी की महज नकल मात्र है जो बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के क्षेत्र में भारत से कहीं आगे हैं.

टियागो की यह उपलब्धि बाजार में लगातार पिछड़ रही टाटा मोटर्स के लिए बड़ी राहत है

देश के कार बाजार में लंबे समय से लगातार पिछड़ती जा रही टाटा मोटर्स के लिए कंपनी की लोकप्रिय हैचबैक टियागो बड़ी राहत लेकर आई है. खबरों के मुताबिक बाजार में उतरने के करीब डेढ़ साल बाद टियागो ने बिक्री के मामले में एक लाख यूनिट से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है. टियागो को टाटा ने अप्रैल 2016 में लॉन्च किया था. तभी से इस कार को बाजार की तरफ से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही थी.

टाटा मोटर्स को बाजार में गाड़ियों से ज्यादा सेगमेंट लॉन्च करने के लिए पहचाना जाता है. लेकिन लगातार बदलता देश का ऑटोमोबाइल बाजार एक अरसे से टाटा की गाड़ियों को लगभग नकारता आ रहा है. यदि इसी साल लॉन्च हुई कंपनी की सेडान टिगोर और बहुप्रतिक्षित क्रॉसओवर हेक्सा की बात करें तो जानकारों के मुताबिक इन दोनों गाड़ियों को बाजार से अब तक ढीला रिस्पॉन्स मिला है. ऐसे में टियागो की उपलब्धि टाटा मोटर्स के लिए संजीवनी सरीखी साबित हो सकती है.

बाजार में टियागो के पांच मॉडल- एक्सबी, एक्सई, एक्सएम, एक्सटी और एक्सज़ेड उपलब्ध हैं. टाटा मोटर्स के मुताबिक पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों द्वारा टियागो के टॉप मॉडल यानी एक्सज़ेड को सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है. इसके अलावा करीब दो महीने पहले लॉन्च हुई टियागो के ऑटोमैटिक वेरिएंट एक्सटीए को भी खरीददारों का खासा रिसपॉन्स मिल रहा है.

टियागो पेट्रोल और डीज़ल दोनों ही विकल्पों के साथ उपलब्ध है. इनमें से टियागो के पेट्रोल वेरिएंट के लिए टाटा ने 1.2 लीटर रेवोट्रोन और डीज़ल वेरिएंट के लिए 1.05 रेवोटॉर्क इंजन इस्तेमाल किया है. जानकारों के अनुसार इन दोनों ही इंजनों को शानदार माइलेज और स्मूथ ड्राइविंग के लिए तैयार किया गया है. इसके अलावा टियागो में मल्टी ड्राइविंग (सिटी और इको) मोड जैसा स्मार्ट फीचर भी देखने को मिलता है. टाटा मोटर्स का दावा है कि इस फीचर की मदद से इक ही कार में दो अलग-अलग क्षमताओं वाले इंजन का अनुभव किया जा सकता है. यदि इस कार की कीमतों की बात करें तो इसके अलग-अलग मॉडल के लिए आपको 3.21 लाख रुपए से लेकर 5.36 लाख रुपए (एक्सशोरूम) चुकाने होंगे.

फोर्ड ने अपनी कॉम्पैक एसयूवी इकोस्पोर्ट के नए अवतार से पर्दा हटाया

अमेरिकी वाहन निर्माता कंपनी फोर्ड ने लंबे इंतजार के बाद भारत में अपनी लोकप्रिय कॉम्पैक एसयूवी इकोस्पोर्ट के नए अवतार से पर्दा हटा दिया है. कंपनी ने नई इकोस्पोर्ट को फीचर्स और लुक्स के मामले में पहले से ज्यादा बेहतर और प्रीमियम बनाने की कोशिश की है. इकोस्पोर्ट सबसे पहले 2013 में बाजार में उतारी गई थी और तभी से इस कार को बाजार से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही थी. फोर्ड का कहना है कि इकोस्पोर्ट फेसलिफ्ट को बाजार में अगले महीने की शुरुआत में उतारा जाएगा.

पहली नजर में देखने पर नई इकोस्पोर्ट काफी हद तक अपने पुराने वर्जन से ही मिलती-जुलती नजर आती है. लेकिन कार के फ्रंट में लगी सिंगल हॉरिजोंटल हैक्सागोनल ग्रिल और नए शार्प लुकिंग हैडलैंप्स के साथ दिए गए नई डिजाइन के फ्रंट बंपर और फॉग लैंप इसे फ्रेश अपील देते हैं. इसके अलावा कंपनी ने नए अलॉय पैटर्न के साथ इकोस्पोर्ट फेसलिफ्ट में 16 इंच की जगह 17 इंच के व्हील्स लगाए गए हैं जो इसके लुक को पहले से ज्यादा हैवी बनाते हैं.

यदि एक नजर इकोस्पोर्ट के केबिन में डालें तो इसकी बेसिक डिजायन के मामले में फोर्ड ने बॉडी कलर के अलावा कुछ अहम बदलाव नहीं किए हैं. लेकिन यहां आपको बिल्कुल नया 8-इंच का इन्फोटेनमेंट सिस्टम देखने को मिल सकता है. हालांकि यह स्क्रीन इकोस्पोर्ट के केवल टॉप और सेकंड टॉप मॉडल में ही देखने को मिलेगा. इकोस्पोर्ट फेसलिफ्ट के बाकी के मॉडल में कंपनी ने 6.5 इंच की स्क्रीन दी है जो अपने आप में ठीक-ठाक साइज है. इसके अलावा कंपनी ने कार में मोबाइल नेविगेशन और सिंक-3 के साथ एपल कार प्ले और एंड्रॉइड ऑटो जैसे फीचर्स भी एड किए हैं. कार की स्क्रीन के नीचे क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम दिया गया है जो दो रोटरी नॉब्स के साथ आता है. नई इकोस्पोर्ट के साथ नया स्टीयरिंग व्हील मिलेगा और यह भी इसकी डिजाइन को एक ताजगी देता है.

सुरक्षा के लिहाज से देखा जाए तो इकोस्पोर्ट फेसलिफ्ट को फोर्ड ने पहले से ज्यादा बेहतर बनाया है. इसमें कंपनी ने 6 एयरबैग्स दिए हैं जो इसे सेफ्टी के मामले में अपनी प्रतिद्वंदियों से कहीं आगे खड़ा करते हैं. साथ ही दुर्घटना की स्थिति में कार में लगा इमरजेंसी असिस्ट सिस्टम अपने आप इमरजेंसी सर्विस को कॉल कर देता है. कंपनी ने इस कार में एबीएस फीचर को स्टैंडर्ड रखा है.

यदि इकोस्पोर्ट के अपडेटेड वर्जन में सबसे बड़े बदलाव की बात करें तो यह इसके इंजन में देखने को मिला है. इकोस्पोर्ट फोर्ड की पहली कार है जिसे कंपनी ने 1.5 लीटर क्षमता वाले अपने नए इंजन से लैस किया है. तीन सिलेंडर वाले इस इंजन को कंपनी ने अपनी ड्रैगन सीरीज के तहत तैयार किया है. जानकारों के मुताबिक यह इंजन 123 पीएस की अधिकतम पावर के साथ 150 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करने में सक्षम है. तकनीकी खूबियों के चलते माना जा रहा है कि यह इंजन पहले से आकर्षक माइलेज देगा.

इकोस्पोर्ट फेसलिफ्ट में डुअल क्लच ऑटो से लैस 5-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दिए गए हैं. कार के ऑटोमैटिक वेरिएंट में हिल लॉन्च असिस्ट, ट्रेक्शन कंट्रोल और क्रूज कंट्रोल जैसे फीचर्स दिए गए हैं. माना जा रहा है कि लॉन्च होने के बाद यह कार इसी साल लॉन्च हुई टाटा नेक्सन और होंडा डब्ल्यूआर-वी को कड़ी टक्कर दे सकती है.