दारुल उलूम देवबंद ने पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद को इस्लाम से बाहर करने का ऐलान किया है. देवबंद ने यह कार्रवाई बिना किसी शिकायत के आधार पर अपने स्तर पर ही की है. डीएनए की ख़बर के मुताबिक सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि ये तस्वीरें और वीडियाे उत्तर प्रदेश के संभल में हुए कल्कि महोत्सव के हैं. इनमें वरिष्ठ कांग्रेसी नेता खुर्शीद समाजवादी पार्टी के शिवपाल यादव आदि के साथ भगवान राम की आरती करते हुए दिखाई दे रहे हैं. इन्हीं तस्वीरों और वीडियो के आधार पर खुद संज्ञान लेते हुए देवबंद ने खुर्शीद को इस्लाम से बहिष्कृत करने की फ़रमान सुनाया है.

देवबंद के उलेमा मुफ़्ती तारिक़ काशमी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया, ‘उन्होंने जो किया वह इस्लाम के मूल सिद्धांतों के ख़िलाफ़ है. इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत करने की इजाज़त नहीं है. और मूर्ति पूजा पर तो सख़्त पाबंदी है. लिहाज़ा उन्होंने इस्लामिक कानून का उल्लंघन किया है. इसीलिए उन्हें तुरंत प्रभाव से इस्लाम से बाहर किया जाता है. अब वे मुस्लिम नहीं रहे.’ काशमी ने आगे कहा, ‘खुर्शीद जब तक अपने ग़ैर-इस्लामिक कृत्य के लिए अल्लाह के सामने तौबा नहीं कर लेते और कलमा नहीं पढ़ते तब तक वे इस्लाम में वापस शामिल नहीं हो सकते.’ इधर, सलमान खुर्शीद ने भी देवबंद के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, ‘दूसरे धर्म का सम्मान करने का मतलब यह नहीं होता है कि किसी ने अपना मज़हब छोड़ दिया है.’

इससे पहले वाराणसी की कुछ मुस्लिम महिलाओं के ख़िलाफ़ भी देवबंद ने इसी तरह का फ़रमान जारी किया था. इन महिलाओं ने दिवाली पर भगवान राम की आरती उतारी थी. इसके बाद वाराणसी की मुस्लिम विमन फाउंडेशन की प्रमुख नाज़नीन ने दारुल उलूम पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर दी थी.