हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सत्ताधारी कांग्रेस ने भी अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़ बुधवार को शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम में जारी किए गए घोषणापत्र में किसानों को ब्याज-मुक्त क़र्ज़, छात्रों को लैपटॉप और सभी स्तर के कर्मचारियों को विशेष श्रेणी के तहत वेतनमान देने जैसे वादे किए गए हैं. भाजपा अपना घोषणापत्र पहले ही जारी कर चुकी है.

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह और अन्य नेता मौजूद थे. कौल सिंह ने कहा कि नियमों का सख़्ती से पालन करते हुए सभी छोटे और हाशिये पर पहुंचे किसानों को एक लाख रुपये तक का क़र्ज़ बिना ब्याज के दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर पार्टी फिर से सत्ता में आती है तो सभी श्रेणी के कर्मचारियों को विशेष श्रेणी के तहत वेतनमान दिया जाएगा और मनरेगा के तहत आने वाले मज़दूरों का वेतन 150 रुपये से बढ़ाकर 350 रुपये प्रतिदिन कर दिया जाएगा. कौल ने कहा, ‘हम केंद्र सरकार से कहेंगे कि मनरेगा वेतन 150 से 350 रुपये किया जाए. अगर सरकार सहमत नहीं हुई तो हम अपने संसाधनों से बढ़ा हुआ वेतन देंगे.’

कांग्रेस के घोषणापत्र में ठेके पर काम करने वाले मज़दूरों को दो साल में नियमित करने और पेंशन में वृद्धि किए जाने का वादा भी किया गया है. साथ ही इसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन और 75 साल से ऊपर के हर व्यक्ति को 1500 रुपये की वृद्धावस्था पेंशन देने का वादा भी किया गया है. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में एक नई व्यवस्था बनाने का वादा किया है. इसमें एक ‘भ्रष्टाचार-निरोधी शिकायत आयुक्त’ नियुक्त किया जाएगा और उसके सहयोग से भ्रष्टाचार के मामलों का निरीक्षण किया जाएगा. वोटरों को रिझाने के लिए पार्टी ने सत्ता के विकेंद्रीकरण की भी बात घोषणापत्र में की है. इसके तहत ग्राम पंचायतों को भी कई अधिकार दिए जाएंगे.

उधर, भाजपा अपना घोषणापत्र पहले ही जारी कर चुकी है. बीते रविवार को जारी हुए घोषणापत्र में पार्टी ने राज्य के लोगों को बुनियादी सुविधाएं देने के अलावा भ्रष्टाचार और माफ़िया राज को ख़त्म करने का वादा किया गया है. इस मौक़े पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भी मौजूद थे जिन्हें बाद में पार्टी की तरफ़ से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार भी घोषित किया गया. पार्टी ने अपने घोषणापत्र को ‘स्वर्णिम हिमाचल दृष्टि पत्र’ नाम दिया है जिसमें रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए क़दम उठाने का वादा किया गया है. इसके अलावा 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा भी पार्टी ने किया है. पर्यटन के क्षेत्र में भी विकास करने के लिए कई योजनाएं लागू करने की बात इसमें कही गई है. हिमाचल प्रदेश में नौ नवंबर को वोटिंग होनी है और मतगणना 18 दिसंबर को होगी.