‘भारत की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में सुधार से कांग्रेस और विपक्ष को जवाब मिल गया है.’

— जितेंद्र सिंह, प्रधानमंत्री कार्यालय राज्य मंत्री

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का यह बयान ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में भारत को 100वां स्थान मिलने पर आया. गुजरात में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘यह विकास ऐतिहासिक है. हमें सोचना चाहिए कि आखिर यह कैसे संभव हुआ? यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आर्थिक सुधारों से संभव हुआ है.’ जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि नोटबंदी और वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) जैसे फैसलों से लोगों को शुरुआत में दिक्कत हुई, लेकिन उन्होंने भरोसा बनाए रखा कि यह उनके और उनके बच्चों के भविष्य के लिए अच्छा है.

‘भारत को विदेशी संस्थाओं के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है.’

— राहुल गांधी, कांग्रेस के उपाध्यक्ष

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का यह बयान केंद्र सरकार द्वारा भारत की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यापार में सुगमता) रैंकिंग में सुधार को उपलब्धि बताने पर आया. वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘अरुण जेटली जी कह रहे हैं कि भारत में व्यापार सरलता सुधर रही है. वे वास्तविकता में जी रहे हैं या सपनों की दुनिया में?’ राहुल गांधी ने कहा कि देश में व्यापार करने में कोई आसानी नहीं हुई है, जीएसटी ने सब बर्बाद कर दिया है. कांग्रेस उपाध्यक्ष के मुताबिक भारत को देश के लोगों के प्रमाणपत्र की जरूरत है और लोग लोग कह रहे हैं कि नरेंद्र मोदी और अरुण जेटली फेल हैं.


‘मैं जंतर-मंतर पर धरना देकर यहां प्रदर्शन पर लगी रोक का विरोध करूंगा.’

— शरद यादव, जदयू के बागी नेता और सांसद

जदयू सांसद शरद यादव का यह बयान दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने पर रोक लगाने के नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल के फैसले को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘अगर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन नहीं किया जा सकता, तो पहले की तरह बोट क्लब को धरना स्थल बना देना चाहिए.’ शरद यादव ने आगे कहा कि रामलीला मैदान को धरना स्थल बनाने का कोई तुक नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन से लोगों को परेशानी होती है तो रामलीला मैदान के आसपास उससे कहीं ज्यादा हजारों लोग रहते हैं. विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल के फैसले को जनविरोधी बताया है.


‘राहुल गांधी जितना ज्यादा बोलेंगे, उतनी ज्यादा हकीकत उजागर होती जाएगी.’

— रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय कानून मंत्री

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का यह बयान भारत की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग सुधरने पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा तंज किए जाने पर आया. बुधवार को ट्विटर पर राहुल गांधी ने लिखा,‘सबको मालूम है ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की हकीकत, खुद को खुश रखने के लिए डॉ जेटली ये ख्याल अच्छा है.’ इस पर रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘क्या राहुल गांधी को मालूम है कि यह अध्ययन भाजपा या केंद्र सरकार नहीं बल्कि विश्व बैंक कराता है.’ राहुल गांधी के कुत्ते के बहाने पर उन पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘आजकल राहुल जी सभी चीजों पर राय रख रहे हैं. जो कुछ बच जाता है उस पर वे अपने पीडी (उनका कुत्ता) से राय रखवा देते हैं.’


‘राहुल गांधी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कुत्तों को समानता की नजर से देखते हैं.’

— अनिल विज, हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री

हरियाणा के मंत्री अनिल विज का यह बयान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा अपने कुत्ते का वीडियो ट्वीट करने पर आया. उन्होंने कहा, ‘एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने बताया था कि राहुल गांधी ने उन्हें जिस प्लेट में नाश्ता कराया, उसी में अपने कुत्ते को भी नाश्ता कराया.’ अनिल विज ने आगे कहा, ‘राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि उनकी तरफ से उनका कुत्ता ट्वीट करता है. पहले हम सोचते थे कि राहुल गांधी बोलते हैं, लेकिन अब हमें पता है कि उनका कुत्ता बोलता है.’ राहुल गांधी पर तंज करते हुए हरियाणा के मंत्री का कहना था कि अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं को राहुल गांधी को जानने से पहले उनके कुत्ते को जानना पड़ेगा.


‘मैं प्रार्थना करते समय कभी-कभी सो जाता हूं.’

— पोप फ्रांसिस, ईसाई धर्म गुरू

ईसाई धर्मगुरू पोप फ्रांसिस ने यह बात प्रार्थना के दौरान नींद आने की सच्चाई को स्वीकार करते हुए कही. 19वीं सदी की एक फ्रांसीसी नन थेरेसी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत से संत हैं जिन्हें प्रार्थना के दौरान सो जाने के लिए जाना जाता है. पोप फ्रांसिस ने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान ईसाइयों को अपने पिता के हाथों में लेटे बच्चे की तरह महसूस होना चाहिए जो नींद के लिए सबसे सुकून भरी जगह होती है. पोप अक्सर प्रार्थना करते समय बहुत गहरी अनुभूति में चले जाते हैं, जिसमें वे लंबे समय तक अपने सिर को झुकाकर और आंखें बंद रखते हैं.