आज शिव सेना की वजह से राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल मची है. गुरुवार शाम को पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने अपने बेटे आदित्य के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की है. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और शिव सेना प्रमुख की यह मुलाकात मुंबई के एक होटल में हुई है. हालांकि दोनों पार्टियों की तरफ से इस मुलाकात का कोई आधिकारिक ब्यौरा जारी नहीं हुआ लेकिन उद्धव ठाकरे ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया है. सोशल मीडिया पर इस खबर की चर्चा के बीच कई लोगों ने मुलाकात से जुड़ी तस्वीरें शेयर की हैं.

एनडीए की सहयोगी पार्टी होने के बावजूद शिव सेना भाजपा पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ती. वहीं पश्चिम बंगाल में इस समय तृणमूल कांग्रेस की सरकार के लिए भाजपा मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर ममता और ठाकरे की इस मुलाकात के अलग-अलग मायने निकालते हुए टिप्पणियां आई हैं. ओमप्रकाश ने ट्वीट किया है, ‘मोदी विरोधी कैंप मजबूत होता दिख रहा है...’ वहीं रमेश पटेल की नसीहत है, ‘उद्धव जी, स्थानीय या विरोधी पार्टी के नेता से मिलने के पहले आपको नीतीश कुमार से संपर्क कर उनके अनुभव जान लेने चाहिए...’

शिव सेना एक और वजह से भी चर्चा में है. कल पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं के बीच ‘घोटालेबाज भाजपा’ शीर्षक वाली एक बुकलेट वितरित की है. इससे जुड़ा कार्यक्रम पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ में हुआ था और इसकी अध्यक्षता खुद उन्होंने की थी. इस बुकलेट में भाजपा के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार के उन मंत्रियों के नाम शामिल हैं जिनके खिलाफ कथित भ्रष्टाचार की शिकायतें हैं. सोशल मीडिया पर इस आयोजन का जिक्र करते हुए भाजपा समर्थकों ने शिव सेना की खूब लानत-मलानत की है. वहीं अपनी-अपनी तरह से इस कार्यक्रम के मतलब भी निकाले जा रहे हैं. विनिल हर्ष का ट्वीट है, ‘क्योंकि इसमें (बुकलेट में) कोई भ्रष्टाचार नहीं है... शिव सेना भाजपा को गठबंधन तोड़ने के लिए उकसा रही है.’ फेसबुक पर नरेंद्र दामले की तंजभरी टिप्पणी है, ‘आज मैं कॉमेडी फिल्म देखने जा रहा था... लेकिन अब मराठी न्यूज चैनल देखूंगा.’

शिव सेना से जुड़े इस राजनीतिक घटनाक्रम पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

साडडा हक़!!ऐत्थे रख़!!‏ | @PRAMODKAUSHIK9

माल-पानी में हिस्सा नहीं देंगे तो यही होगा. हिंदूवाद की खेती में शिव सेना का बराबर का हिस्सा था. जबकि भाजपा सत्ता की मलाई नाम की फसल अकेले खा रही है.

वी रामास्वामी | @ramsam_venkat

शिव सेना की असली दिक्कत क्या है? क्या यह कि भाजपा उसके मुकाबले बड़ी पार्टी हो गई या फिर उसे भ्रष्टाचार करने से रोक दिया गया?

दीपक सिंह |‏ @smarket

भाजपा और शिव सेना का रिलेशनशिप स्टेटस… वैसे यह भाजपा के लिए अच्छी खबर होगी.

भास्कर प्रभु | facebook/mahitiaadhikarmanch

शिव सेना ने ‘घोटालेबाज भाजपा’ नाम से बुकलेट निकाल दी है. अमित जी क्या अब आप मानहानि का केस करेंगे?

शकुनि मामा | @ShakuniUncle

उद्धव ठाकरे और ममता बनर्जी की मुलाकात को अंसतुष्टी और तुष्टीकरण की मुलाकात भी कहा जा सकता है.

चंद्रेश | @mailtodjoshi

ममता सांप्रदायिक हो रही हैं या उद्धव ठाकरे धर्मनिरपेक्ष हो रहे हैं?