हिमाचल प्रदेश में नौ नवंबर को होने वाले मतदान से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी जुबानी जंग की खबरों को आज के अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी है. खबरों के मुताबिक भाजपा के स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी ने रविवार को कुल्लू की एक चुनावी रैली में कहा, ‘भ्रष्टाचार ही कांग्रेस की एकमात्र पहचान है. कांग्रेस 70 वर्षों तक केवल भ्रष्टाचार, झूठ, जातिवाद और भाई-भतीजावाद में जुटी रही.’ उधर, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बढ़ती महंगाई को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट किया, ‘महंगी गैस, महंगा राशन- बंद करो खोखला भाषण. दाम बांधो, काम दो, वरना खाली करो सिंहासन.’

जापान में आयोजित महिला हॉकी एशिया कप फाइनल में चीन के खिलाफ भारत की जीत की खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. रविवार को भारतीय महिला हॉकी टीम ने पेनाल्टी शूटऑउट में चीन को 5-4 से हराकर 13 साल बाद एशिया कप पर कब्जा किया है.

मजदूर हित के लिए बने फंड से वाशिंग मशीन और लैपटॉप खरीदे गए

विनिर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के नाम पर गठित फंड के दुरुपयोग का मामला सामने आया है. जनसत्ता में छपी एक खबर के मुताबिक इनके हितों पर खर्च किए जाने के लिए सेस के जरिए जमा किए गए 29,000 करोड़ रुपये में से लैपटॉप और वाशिंग मशीन भी खरीदे गए हैं. दूसरी ओर, मजदूरों पर इस रकम का कुल 10 फीसदी हिस्सा ही खर्च किया गया है. सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी-कैग) द्वारा हासिल हुई है. बताया जाता है कि ये बातें सामने आने पर सुप्रीम कोर्ट ने इसे हैरान और बहुत चिंता पैदा करने वाला बताया है. साथ ही उसने केंद्रीय श्रम सचिव को 10 नवंबर से पहले अदालत में पेश होने के लिए कहा है.

नोटबंदी के दौरान 35 हजार शेल कंपनियों ने 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अमान्य नोट जमा करके नए नोट हासिल किए

बीते साल नोटबंदी के दौरान 35 हजार शेल (फर्जी) कंपनियों ने 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक प्रतिबंधित नोट जमा करके नए नोट हासिल किए थे. ये कंपनियां उन 2.24 लाख कंपनियों में शामिल हैं जिन्हें केंद्र सरकार के आदेश के बाद अब बंद किया जा चुका है. राजस्थान पत्रिका ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक कंपनी मामलों के मंत्रालय ने यह जानकारी दी है. मंत्रालय ने बताया है कि बैंकों में 2.24 लाख में से 35 हजार शेल कंपनियों के 58 हजार खातों की जांच पूरी की जा चुकी है. इसके अलावा इन कंपनियों के खातों को पहले ही सीज किया जा चुका है. साथ ही, सरकार ने इनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए इनकी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर भी रोक लगा दी है.

सड़क निर्माण में तेजी लाने के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों की मदद लेने की योजना

सड़क निर्माण में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार ने सेवानिवृत्त अधिकारियों की मदद से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को सुगम बनाने की योजना तैयार की है. इसमें मदद करने वालों को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से ईनाम दिया जाएगा. बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इस कवायद का मकसद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करना है. अखबार के साथ बातचीत में एनएचएआई के अध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि वैसे सेवानिवृत्त अधिकारियों की मदद से सड़क बनाने के काम में तेजी आ सकती है जिन्होंने जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया पर काम किया है.

पिछड़े जिलों के विकास के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से मंजूर योजना वित्त मंत्रालय की निष्क्रियता से वहीं की वहीं

देश के 115 पिछड़े जिलों के विकास के लिए प्रस्तावित योजना को प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद भी वित्त मंत्रालय ने अब तक इस पर मुहर नहीं लगाई है. द एशियन एज ने इसे मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक मंत्रालय इसे अगले साल पेश किए जाने वाले बजट में शामिल किए जाने को लेकर उलझन में है. इससे पहले बीते जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय सचिवों के साथ मुलाकात में उन्हें देश के 100 पिछड़े जिलों की स्थिति सुधारने के लिए तय वक्त में मिशन मोड में काम करने को कहा था.

आज का कार्टून

वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) पर द हिंदू में प्रकाशित आज का कार्टून :