केंद की नरेंद्र मोदी सरकार की नोटबंदी और जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) जैसी महात्वाकांक्षी योजनाओं को अमल में लाने वाले केंद्रीय राजस्व सचिव हसमुख अढिया अब अगले आम बजट को आकार देंगे. उन्हें मोदी सरकार ने सोमवार की शाम ही केंद्रीय वित्त सचिव के पद पर नियुक्त कर दिया है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक हसमुख अढिया केंद्रीय वित्त सचिव के तौर पर अशोक लवासा की जगह ले रहे हैं. लवासा का कार्यकाल अक्टूबर के अंत में खत्म हुआ है. हसमुख अढिया के पास फिलहाल राजस्व सचिव का भी प्रभार रहेगा. क्योंकि जीएसटी को अमल में लाने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग के पास ही है. केंद्र सरकार ने हसमुख अढिया के नेतृत्व में आम बजट तैयार करने वाली टीम का भी गठन किया है. इसमें डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक असेट्स मैनेजमेंट के सचिव नीरज गुप्ता, मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष सुशील चंद्रा ही ऐसे सदस्य हैं जो पिछली बजट टीम में भी थे. बाकी सभी इस बार नए चेहरे हैं.

ग़ौरतलब है कि हसमुख अढिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे विश्वस्त अधिकारियों में शामिल हैं. वे 1981 बैच के गुजरात कैडर के अधिकारी हैं. मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो हसमुख अढिया वहां भी उनके साथ वित्त सचिव और प्रदेश के मुख्य सचिव जैसे शीर्ष पदों पर रह चुके हैं. बताया जाता है कि राजकोट जिले के वांकानेर में जन्मे 58 वर्षीय हसमुख अढिया ने ही नोटबंदी योजना का खाका तैयार किया था. बीते साल आठ नवंबर को प्रधानमंत्री द्वारा नोटबंदी की घोषणा किए जाते ही इसके समर्थन में पहला ट़वीट करने वाले भी हसमुख अढिया ही थे. उन्होंने तब लिखा था, ‘काले धन पर लगाम लगाने के मामले में भारत सरकार का सबसे बड़ा और साहसिक कदम है.’