मिजोरम के वित्त मंत्री लालसावता ने वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद राज्य में गंभीर वित्तीय संकट खड़ा होने की बात कही है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा कि जुलाई में जीएसटी लागू करने के बाद राज्य के राजस्व में बड़े पैमाने पर कमी आई है. उन्होंने आगे कहा कि अलग-अलग स्रोतों से केवल 50 फीसदी राजस्व की ही उगाही हो पा रही है. मिजोरम जीएसटी विधेयक को मंजूरी देने वाला 13वां राज्य था. सूत्रों के मुताबिक अन्य राज्यों के राजस्व में औसतन 33 फीसदी की गिरावट आई है.

मिजोरम के वित्त मंत्री लालसावता ने जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र से आवंटित राशि का केवल 50 फीसदी हिस्सा जारी होने का सवाल उठाया. रिपोर्ट के मुताबिक इस वित्तीय संकट पर सोमवार को वित्त मंत्री की अध्यक्षता में राज्य के कर विभाग के अधिकारियों की आपात बैठक भी हुई. इसमें जीएसटी की उगाही में आने वाली समस्याओं पर चर्चा की गई. वित्त मंत्री लालसावता ने बताया कहा कि राज्य में इंटरनेट कनेक्टिविटी ठीक न होने की वजह से जीएसटी को प्रभावी तरीके से लागू करने में दिक्कत आ रही है.

मिजोरम के वित्तमंत्री लालसावता ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद राज्य की वित्तीय स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई है. उन्होंने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के बाद राज्य पर 800 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ आएगा. हालांकि, उन्होंने इसे लागू करने के लिए जल्द समिति बनाने की भी बात कही. इस बीच सरकार पर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाते हुए मिजोरम के सरकारी कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है.