नोटबंदी का एक साल पूरा होने के मौके पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच एक-दूसरे को घेरने का सिलसिला जारी है. मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान पर जवाबी हमला बोलते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी लूट नहीं थी बल्कि लूट तो 2जी, कॉमनवेल्थ और कोयला घोटाले में हुई थी. अरुण जेटली ने नोटबंदी को एक ऐसा नैतिक कदम बताया जिसने भ्रष्टाचार को मुश्किल बना दिया है.

इससे पहले मंगलवार को ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को एक बार फिर संगठित लूट करार दिया था. अहमदाबाद में कारोबारियों के साथ एक संवाद में उनका यह भी कहना था कि मोदी सरकार के इस फैसले की मार सबसे ज्यादा गरीब तबके पर पड़ी. सोमवार को भी मनमोहन सिंह ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शालीनता से अपनी भूल मान लेनी चाहिए. उनका कहना था कि अब नोटबंदी पर राजनीति करने का वक्त खत्म हो चुका है और यह समय अर्थव्यवस्था को फिर से बनाने का है.