नोटबंदी को विपक्षी नेता अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बता रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष के नेता इसके नए-नए लाभ गिनाते दिखाई दे रहे हैं. मंगलवार को केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘नोटबंदी देह व्यापार में कमी आई है.’ भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘महिलाओं और लड़कियों की तस्करी के मामलों में भारी कमी आई है. इसके लिए बड़े पैमाने पर नगदी नेपाल और बांग्लादेश चली जाती थी.’ उनके मुताबिक 500 रुपये और 1000 रुपये के पुराने नोटों को देह व्यापार और मानव तस्करी में भुगतान के लिए इस्तेमाल किया जाता था. हालांकि, इससे जुड़े आंकड़ों के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि यह जानकारी गृह मंत्रालय का हवाले से मिली है.

रिपोर्ट के नोटबंदी के फायदे गिनाते हुए केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद, आतंकवाद और सट्टा बाजार में कमी आई है. उन्होंने यह भी कहा कि नोटबंदी के बाद जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाएं कम हो गई हैं. रविशंकर प्रसाद के मुताबिक, ‘नोटबंदी के बाद बीते एक साल में साबित हो गया है कि यह फैसला देश हित में था.’

विपक्ष ने नोटबंदी की पहली वर्षगांठ को ‘काला दिन’, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा ने ‘काला धन विरोधी दिवस’ के तौर पर मनाने का फैसला किया है. हालांकि, इससे पहले मंगलवार को दोनों पक्ष के नेताओं ने इसके नफे-नुकसान को लेकर एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आठ नवंबर, 2016 को भारतीय लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था का काला दिन और संगठित लूट बताया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी दिन नोटबंदी की घोषणा की थी. इसके जवाब में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी लूट नहीं थी बल्कि लूट तो 2जी, कॉमनवेल्थ और कोयला घोटाले में हुई थी.