त्रिपुरा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़ चुके छह विधायक अभी भी आधिकारिक तौर पर भाजपा विधायक नहीं बन पाए हैं. हैं. समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार बुधवार को इन सभी छह विधायकों ने इससे जुड़ी मंजूरी के लिए विधानसभा अध्यक्ष के पास अर्जी लगाई है. हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष रामेंद्र चंद्र देबनाथ ने समय की कमी बताकर अभी इस पर विचार करने के इनकार कर दिया है. इस बारे में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘मैंने उन्हें बताया है कि विधानसभा सत्र शुरू होने वाला है, इससे पहले समय की कमी के चलते उन्हें भाजपा विधायक की मान्यता देने की प्रक्रिया पूरी कर पाना संभव नहीं है.’ त्रिपुरा में 13 नवंबर से विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक टीएमसी के पूर्व विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से अपने में से एक व्यक्ति को भाजपा के विधायक दल के नेता की मान्यता देने का भी अनुरोध किया है. हालांकि, इससे पहले सितंबर में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने इन्हें भाजपा विधायक की आधिकारिक मान्यता देने का अनुरोध किया था. लेकिन, विधानसभा अध्यक्ष रामेंद्र चंद्र देबनाथ ने कहा था कि ये सभी विधायक इस बारे में एक साथ या अलग-अलग अर्जी दें. विधानसभा अध्यक्ष रामेंद्र चंद्र देबनाथ के मुताबिक टीएमसी छोड़ने वाले इन सभी विधायकों की आधिकारिक मान्यता अभी भी टीएमसी विधायकों की ही है.

अगस्त में सुदीप रॉय बर्मन के नेतृत्व में टीएमसी के छह विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे. इसके साथ बिना चुनाव लड़े भाजपा का राज्य में खाता खुल गया था. इस बारे में टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल दिग्गज आदिवासी नेता दिबा चंद्र हरंगखावल ने कहा कि इन विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष की मंजूरी मिलने के साथ भाजपा 60 सदस्यीय सदन में प्रमुख विपक्षी दल बन जाएगी.