बीते कई दिनों से ऐसा लग रहा था कि सोशल मीडिया यूजर आज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. आज नोटबंदी की वर्षगांठ है और सुबह से ही इस मुद्दे पर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. जैसा कि पहले से घोषित था, कांग्रेस इसे काला दिन के तौर पर मना रही है और भाजपा काला धन विरोधी दिवस के रूप में. सोशल मीडिया पर इन दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच नोटबंदी के फायदे-नुकसान को लेकर तीखी बहसबाजी हो रही है. इस बहस में आम लोगों ने भी हिस्सेदारी की है और नोटबंदी की आलोचना में यहां एक से बढ़कर एक मजेदार टिप्पणियां आई हैं. ट्विटर हैंडल @Saralsampat पर चुटकी है, ‘जो लोग आज नोटबन्दी के फायदे बता रहे हैं, उनके लिए नोटबन्दी उस बवासीर रोग की तरह था जिससे पीड़ा तो होती थी पर दिखा नहीं सकते थे.’

दिल्ली सहित उत्तर भारत में फैले स्मॉग पर सोशल मीडिया में लगातार चिंता जताई जा रही है और आज इसे नोटबंदी से जोड़ते हुए लोगों ने टिप्पणियां की हैं. सायंतन घोष का तंज है, ‘मित्रों, यह स्मॉग नहीं है बल्कि उस काले धन का अवशेष है जिसे पिछले साल इकट्ठा किया गया था और जिसमें आग लगाई गई थी.. सो इसे खींचिए और आनंद लीजिए.’ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने ट्वीट किया है, ‘काला दिन और काला धन विरोधी दिवस भूल जाइए. सभी नेता एकजुट हों और राष्ट्रीय राजधानी में वायु आपातकाल घोषित करें... मुझे सांस लेने का अपना अधिकार वापस चाहिए.’ वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने ट्वीट के जरिए एक दिलचस्प मांग की है, ‘नोटबंदी की वर्षगांठ पर मैं पूरी ईमानदारी यह चाहता हूं : 1000 का नोट वापस ले आइए. अगर हमारे पास 2000, 500 और 200 रुपये के नोट हैं तो फिर इसमें क्या दिक्कत है...’

नोटबंदी पर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का एक बयान भी सोशल मीडिया में चर्चा में है. उन्होंने नोटबंदी के फायदे गिनाते हुए कहा है कि इससे देह व्यापार में कमी आई है. फेसबुक और ट्विटर पर इस बयान को शेयर करते हुए लोगों ने कानून मंत्री और भाजपा को घेरा है. फेसबुक पर दिलीप खान ने लिखा है, ‘रविशंकर प्रसाद ने “नोटबंदी से देह व्यापार में कमी आई है” वाला बयान देकर बढ़त बना ली है. अब संबित पात्रा कहीं नोटबंदी को ग्लोबल वॉर्मिंग कम करने वाला कदम न बता दें.’

नोटबंदी की वर्षगांठ और रविशंकर प्रसाद के बयान पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

डॉ आनंद राय | @anandrai177

अगर नोटबन्दी से लोग खुश होते तो जश्न सरकार नहीं, लोग मना रहे होते! समझे मित्रों?

अमित तिवारी | facebook/amit.tiwary7

नोटबंदी से हमें क्या सीख मिलती है?
यही कि आंख में मोतियाबिंद हो तो किडनी ट्रांसप्लांट करवा लेना चाहिए!

सलिल त्रिपाठी | @saliltripathi

मिहिर रे |‏ @raymihir_

अमेरिकी लोग 9/11 याद रखते हैं, भारतीय 8/11 याद रखेंगे.

हेमंत | facebook/satyarthi20hemant

रविशंकर प्रसाद के देह व्यापार वाले बयान पर राहुल गांधी – ‘सरकार भी मान रही है कि कारोबार में कमी आई है.’

अरविंद गुणशेखर | @arvindgunasekar

कानून मंत्री के मुताबिक नोटबंदी के कारण देहव्यापार में कमी आई है! इस सरकार का एक और लक्ष्य, एक और उपलब्धि.