पाकिस्तानी आतंकी अब ड्रोन (मानवरहित विमान) के जरिए अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप भारत भेजने की तैयारी कर रहे हैं. द इकॉनॉमिक टाइम्स के मुताबिक इस काम में वे पैराग्लाइडर्स की मदद भी ले सकते हैं. एक ख़ुफ़िया रिपोर्ट के हवाले से अख़बार ने बताया है कि हमेशा की तरह पाकिस्तानी सेना भी आतंकियों की मदद कर रही है. अख़बार ने अपने पास यह ख़ुफ़िया रिपोर्ट मौजूद होने का दावा भी किया है.

अख़बार के मुताबिक ख़ुफ़िया रिपोर्ट मल्टी-एजेंसी ग्रुप (एमएजी) ने तैयार की है. इस समूह में सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), पंजाब पुलिस और अन्य एजेंसियां शामिल हैं. इस समूह की रिपोर्ट में सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह बताई गई है कि आतंकी ‘पंजाब में आतंकवाद को फिर सुलगाने की तैयारी कर रहे हैं. संभवत: इसी मकसद से अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की खेप भी पंजाब से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा से ही भारत पहुंचाने की तैयारी की जा रही है. और वहां भी गुरदासपुर सेक्टर इस लिहाज़ से सबसे संवेदनशील बताया गया है.

एक सूत्र के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पिछले कुछ समय के भीतर ही भारत-पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगते इलाकों में करीब 40 संदिग्ध ड्रोन उड़ते हुए पाए गए हैं. इनमें से 36 तो अमृतसर और उसके पास देखे गए हैं. इसके अलावा कुछ महिलाओं को भी खास तौर पर प्रशिक्षित किया गया है. ताकि वे भारतीय सुरक्षा बलों के अफसरों-जवानों को फुसलाकर हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए राजी कर सकें. साथ ही पंजाब और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों के बीच सहयाेग भी लगातार मजबूत होने की बात इस रिपोर्ट में कही गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी और नशीले पदार्थों के तस्कर किसानों के भेष में भारतीय नागरिकों से मेल-जोल बढ़ा सकते हैं. उन्हें अपनी साजिश में शामिल कर सकते हैं. बीएसएफ ने कुछ भारतीय किसानों को पकड़ा भी है जो आतंकियों से बातचीत करते हुए पाए गए हैं. इन सब तथ्यों के मद्देनजर रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा प्रबंध और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल और बेहतर किए जाने की जरूरत है.