दिल्ली में वायु प्रदूषण बेहद ख़तरनाक स्तर पर पहुंच गया है. जहरीली धुंध के चलते सरकार को स्कूलों को रविवार तक बंद रखने का आदेश देना पड़ा है. इसके चलते ट्रैफ़िक जाम की समस्या भी हो रही है. प्रदूषण के असर से बचने के लिए कई लोग मास्क पहने दिख रहे हैं. फ़र्स्टपोस्ट के मुताबिक़ धुंध की वजह से पिछले 24 घंटों में हुईं सड़क दुर्घटनाओं में 17 लोग मारे गए हैं. हालात इतने ख़राब हैं कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शहर को ‘गैस का चेंबर’ तक बता दिया. विशेषज्ञों ने मौजूदा स्थिति को ‘पब्लिक हेल्थ एमरेजेंसी’ बताया है.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़ बुधवार दोपहर तक दिल्ली के कैंसरकारी प्रदूषण का स्तर चीन की राजधानी बीजिंग से भी 10 गुना ज़्यादा रहा. चीन की राजधानी अपने वायु प्रदूषण के लिए दुनियाभर में बदनाम है. लेकिन दिल्ली उससे आगे निकलता दिख रहा है. अमेरिकी दूतावास के मॉनिटर के मुताबिक़ बुधवार की रात दिल्ली में सांस के ज़रिए फेफड़ों में जाने वाले कणों का स्तर 726 पीएम रहा. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि 50 पीएम तक का स्तर स्वास्थ्य के अनुकूल माना जाता है, जबकि 300 से ऊपर के स्तर को ‘संकटजनक’ माना गया है. बुधवार दोपहर दो बजे बीजिंग में इन कणों का स्तर 76 पीएम था जबकि दिल्ली में इन्हें 833 पीएम मापा गया.

सर गंगा राम अस्पताल में फेफड़ों के विशेषज्ञ डॉ. अरविंद कुमार कहते हैं, ‘दिल्ली की जो स्थिति आज है वैसी मैंने पिछले 35 सालों में नहीं देखी. एक डॉक्टर के तौर पर मुझे यह कहने में कोई समस्या नहीं है कि स्वास्थ्य के लिहाज से आज की स्थिति एमरजेंसी जैसी है. अगर आप लोगों को बचाना चाहते हैं तो उन्हें दिल्ली छोड़ने के लिए कहना चाहिए. सारे स्कूल और दफ्तर बंद होने चाहिए.’

दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में फैली प्रदूषित हवा को लेकर नासा ने बुधवार को ये ग्राफ़िकल तस्वीरें जारी कीं.
दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में फैली प्रदूषित हवा को लेकर नासा ने बुधवार को ये ग्राफ़िकल तस्वीरें जारी कीं.

वहीं, फ़सलों के अवशेष जलाए जाने की समस्या पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि उनकी सरकार पड़ोसी राज्यों से मुलाक़ात करेगी. लेकिन हालात जल्द सुधरने के आसार नहीं दिखते क्योंकि पड़ोसी राज्यों में फ़सलों के अवशेष जलाया जाना जारी है. गुरुवार को आई जानकारी के मुताबिक़ हरियाणा के रोहतक में फ़सलों के अवेशष जलाए गए हैं. इनकी तस्वीरें भी सामने आई हैं जिनमें खेतों में लगी आग और धुआं साफ़ देखा जा सकता है.