भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने आप (आम आदमी पार्टी) की पेशकश ठुकरा दी है. आप उन्हें राज्य सभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाना चाहती थी.

एनडीटीवी के मुताबिक इस सिलसिले में अमेरिका की शिकागो यूनिवर्सिटी में स्थित राजन के दफ़्तर से स्पष्टीकरण जारी किया गया. इसमें कहा गया है, ‘प्रोफेसर राजन भारत में विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों से जुड़े हैं. वे शिकागो यूनिवर्सिटी में पूर्णकालिक तौर पर शिक्षण कार्य कर रहे हैं. फिलहाल इस काम को छोड़ने की उनकी कोई योजना नहीं है.’ बताते चलें कि राजन ने चार सितंबर 2016 को आरबीअाई के गवर्नर के तौर पर अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा किया था. इसके बाद वे अध्ययन-अध्यापन के लिए अमेरिका लौट गए थे. वहां वे शिकागो यूनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ बिज़नेस में फायनेंस के प्रोफेसर के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं.

राजन के बारे में अभी बुधवार को ही ख़बर आई थी कि आप उन्हें राज्य सभा के लिए उम्मीदवार बनाने की कोशिश कर रही है. इस ख़बर के मुताबिक दिल्ली में सत्तासीन आप तीन सदस्यों को राज्य सभा में भेज सकती है. इनमें से सभी पर उसने पार्टी से बाहर के जाने-माने लोगों को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है. इन्हीं में राजन का नाम सबसे ऊपर बताया गया था. इंडिया टुडे से बातचीत में खुद आप के प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसकी पुष्टि की थी. बल्कि आप के नेता तो इस संभावित स्थिति को ही पार्टी के पक्ष में भुनाने भी जुट गए थे. इसी कोशिश के तहत आप नेता आशीष खेतान ने ट्वीट भी किया था.

See the contrast. @narendramodi recently sent @AmitShah to Rajya Sabha. While @ArvindKejriwal wants to send Mr. Raghuram Rajan to the upper house.

- Ashish Khetan (@AashishKhetan) November 8, 2017

आशीष ने लिखा था, ‘विरोधाभास देखिए. नरेंद्र मोदी ने हाल में ही अमित शाह को राज्य सभा में भेजा है. जबकि अरविंद केजरीवाल रघुराम राजन को उच्च सदन में भेजना चाहते हैं.’ हालांकि राजन के स्पष्टीकरण के बाद आप नेताओं की यह ‘बहुप्रचारित चाहत’ शुरू में ही ढेर हो गई लगती है.