फेसबुक लोगों से उनकी ‘न्यूड’ तस्वीरें मांग रहा है. पहली नजर में यह बात किसी को भी बहुत अजीब लग सकती है लेकिन, ऐसा करने के पीछे भी एक नेक मकसद ही है. पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया में फेसबुक ने लोगों से अपनी नग्न तस्वीरें और वीडियो उसे भेजने के लिए कहा है. इसका मकसद इन तस्वीरों को भविष्य में वायरल होने से बचाना है.

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के मुताबिक हाल ही में फेसबुक ने सरकार की सहमति के बाद एक नए फीचर की टेस्टिंग शुरू की है. इसके तहत लोगों से कहा गया है कि अगर उन्हें ऐसा लगता है कि उनका पूर्व पार्टनर उनकी अंतरंग तस्वीरों को सोशल मीडिया पर अपलोड कर सकता है तो कृपया ऐसी तस्वीरें फेसबुक को भेज दें ताकि, उन्हें भविष्य में अपलोड होते ही ब्लॉक किया जा सके.

ऑस्ट्रेलिया की ई-सुरक्षा आयुक्त जूली ग्रांट ने इसकी कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि लोगों के फोटो मिलते ही फेसबुक का सॉफ्टवेयर इस फोटो की विशेष पहचान या आईडी तैयार कर देगा. इसके बाद जब भी कोई यूजर इस फोटो को फेसबुक पर अपलोड करेगा तो वह फोटो स्वतः ही ब्लॉक हो जाएगा.

जूली ग्रांट ने लोगों को आश्वस्त करते हुए यह भी कहा है कि सोशल मीडिया साइट यूजर के भेजे गए फोटो को अपने डेटाबेस में स्टोर नहीं करेगी बल्कि, फोटो को विशेष पहचान देने के बाद तुरंत ही डिलीट कर दिया जाएगा. ग्रांट के कार्यालय की ओर से कहा गया है कि जिन लोगों को डर है कि उनकी तस्वीरें भविष्य में फेसबुक पर अपलोड की जा सकती हैं, वे ई-सुरक्षा आयुक्त से ऑनलाइन सम्पर्क कर सकते हैं और उनकी सलाह के बाद अपनी तस्वीरें फेसबुक को भेज सकते हैं.

वहीं, इस नए फीचर को फेसबुक ने न्यूड फोटो को अपलोड होने से रोकने का एक बेहतर तरीका बताया है. कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘यह एक बेहतर तरीका हो सकता है क्योंकि इसमें आप पहले ही सावधानी के तौर पर कार्रवाई कर चुके होते हैं. हालांकि, अभी इसे परीक्षण के तौर पर ही शुरू किया गया है. इस पर लोगों की प्रतिक्रिया के बाद ही आगे कोई फैसला किया जाएगा.’ वर्तमान में फेसबुक पर ऐसे मामलों को निपटाने के लिए लोगों को अपनी फोटो अपलोड होने के बाद उसे रिपोर्ट करना होता है जिसके बाद फेसबुक उसे डिलीट करता है.

पिछले करीब दो सालों में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और कनाडा में ऐसे मामले काफी तेजी से बढ़े हैं जिनमें महिलाओं से नाराज होकर उनके पूर्व पार्टनर उनके अंतरंग फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर देते हैं. इसे लेकर ब्रिटेन में कानून भी बना गया है जिसके तहत ऐसा करने वाले को दो साल की जेल हो सकती है. लेकिन, इस साल ब्रिटेन में फेसबुक के लीक हुए कुछ दस्तावजों से पता चला है कि कंपनी को हर महीने इस तरह के करीब 54,000 मामलों का सामना करना पड़ता है. फेसबुक द्वारा इस नए फीचर को लाने की मुख्य वजह यही मानी जा रही है.