अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप इस महीने भारत आ सकती हैं. वे हैदराबाद में 28 से 30 नवंबर तक चलने वाले ‘ग्लोबल ऑन्त्रप्रनरशिप समिट’ (जीईएस) में हिस्सा लेने आएंगी. उनके आने से पहले शहर के भिखारियों की शामत आ गई है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ हैदराबाद पुलिस ने शहर से भिखारियों से हटाने की मुहिम छेड़ दी है. उसका कहना है कि भिखारियों से आम लोगों और वाहनों को ख़तरा है. शहर के क़रीब छह हज़ार भिखारियों को सुधार केंद्रों में भेजने की योजना है.

ख़बर के मुताबिक़ तेलंगाना सरकार सम्मेलन के लिए शहर को वैश्विक राजधानी के रूप में दिखाना चाहती है. इसलिए उसने तय किया है कि शहर के आसपास एक भी भिखारी दिखाई नहीं देना चाहिए. बुधवार को क़रीब 400 भिखारियों को गोशामहल इलाक़े से उठाकर चंचलगुड़ा जेल के सुधार केंद्र में डाल दिया गया. गोशामहल के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) नरेंदर रेड्डी ने कहा, ‘पुलिस आयुक्त एम महेंदर रेड्डी के निर्देशानुसार हमने अपने इलाक़े के भिखारियों को सुधार केंद्र भेज दिया है.’ एक अधिकारी ने बताया, ‘कुछ भिखारी कह रहे हैं कि हम उनके कहीं भी रहने की आजादी का अधिकार छीन रहे हैं, लेकिन हमने उनसे कहा कि ऐसा उनके भले के लिए किया जा रहा है. सुधार केंद्र में उनका ख़याल रखा जाएगा.’

भिखारियों को ले जाती पुलिस (इंडियन एक्सप्रेस)
भिखारियों को ले जाती पुलिस (इंडियन एक्सप्रेस)

अख़बार ने बताया कि 17 साल पहले जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन हैदराबाद आए थे तो उस समय भी ऐसा ही अभियान चलाया गया था. अधिकारियों ने बताया कि इवांका ट्रंप कुछ पर्यटन स्थलों पर जा सकती हैं. सम्मेलन के दौरान वे व्यावसायियों से बातचीत भी करेंगी. जीईएस की तर्ज़ पर दिसंबर में पांच दिन का ‘विश्व तेलुगू सम्मेलन’ भी आयोजित किया जाएगा. बताया जा रहा है कि उसमें सैकड़ों अनिवासी भारतीय (एनआरआई) हिस्सा लेंगे. इसी को देखते हुए शहर के पुलिस कमिश्नर महेंदर रेड्डी ने सात जनवरी, 2018 तक शहर में भीख मांगने पर प्रतिबंध लगा दिया है.