हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच गुरुवार को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान पूरा हो गया. राज्य की सभी 68 विधानसभा सीटों के लिए एकमात्र चरण में हुए इस चुनाव के लिए शाम पांच बजे तक करीब 75 फीसदी वोट डाले गए. यह आंकड़ा पिछले विधानसभा चुनाव से एक फीसदी ज्यादा है.

इस बार के चुनाव में राज्य में कुल 338 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं. 2011 की जनगणना के अनुसार करीब 68 लाख की आबादी वाले इस राज्य में करीब 50 लाख मतदाता हैं जिनमें से करीब 38 लाख लोगों ने इस बार वोट डाले. इस बार के चुनाव की खास बात सभी बूथों पर वीवीपीएटी (वोटर वेरिफाएबल पेपर आॅडिट ट्रेल) का इस्तेमाल होना है. वीवीपीएटी मशीन से मतदान के बाद पार्टी के चुनाव चिह्न वाली एक पर्ची निकलती है, जिसे देखकर मतदाता यह जांच सकता है कि उसने जिस दल के प्रत्याशी को वोट दिया है, उसे मिला है या नहीं. इसके बाद यह पर्ची एक डिब्बे में जमा हो जाती है, जिसका इस्तेमाल चुनाव संबंधी विवादों को निपटाने में किया जा सकता है. हिमाचल प्रदेश के ताजा चुनाव के नतीजों का ऐलान अगले महीने की 18 तारीख को होगा.

हर बार की तरह राज्य में इस बार भी मुकाबला देश के दो सबसे बड़े राष्ट्रीय दलों कांग्रेस और भाजपा में है. राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल ने आज दावा किया है कि वे 60 से ज्यादा सीटें लाकर कांग्रेस पार्टी को सत्ता से बाहर कर देंगे. हालांकि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपना वोट डालने के बाद दावा किया कि कांग्रेस राज्य में फिर से सत्ता में आने जा रही है.