गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित 22 लोगों पर शेयरों की सट्टेबाजी के आरोप में सेबी द्वारा लगाए गए जुर्माने को प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (एसएटी) ने रद्द कर दिया है. न्यायाधिकरण ने इस बारे में सेबी को फिर से नया आदेश जारी करने का आदेश भी दिया है.

इसके बाद विजय रूपाणी ने बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने शेयरों के लेन-देन में कोई गड़बड़ी नहीं की है और बिना उनका पक्ष सुने उनके खिलाफ जुर्माना लगाया गया. इससे पहले भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने रूपाणी सहित 22 लोगों के खिलाफ गड़बड़ी के आरोप में करीब सात करोड़ का आर्थिक दंड लगाया था. इसके बाद इन लोगों ने न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाया था.

विजय रुपाणी ने बताया कि सारंग केमिकल्स के शेयरों के लेन-देन में उनके खाते से केवल 0.1 फीसदी का कारोबार हुआ. उन्होंने आगे बताया कि 2009 में उन्होंने 63 हजार रुपये के शेयर खरीदे थे जिन्हें दो साल बाद 28 हजार का घाटा सहते हुए 35 हजार रुपये में बेच दिया गया था. रूपाणी ने अपनी सफाई में कहा कि जिस शेयर का सट्टा होता है, उसमें करोड़ों रुपये का लेन-देन और भारी मुनाफा होता है, लेकिन यहां तो नुकसान हुआ है. इसके आधार पर उन्होंने दावा किया कि उन पर गड़बड़ी करने का आरोप गलत है और यह एक अधिकारी ने मनमाने तरीके से किया है. उन्होंने यह भी कहा कि शेयर बेचे जाने के छह साल बाद साल बाद बिना सुनवाई का मौका दिए हुए एकतरफा आदेश जारी करके जुर्माना लगाना गलत है.