राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति और बिगड़ती जा रही है और सोशल मीडिया पर आम लोगों से लेकर बड़ी-बड़ी हस्तियां तक इसको लेकर जारी चर्चा में शामिल हैं. राजधानी में धुंध के अलावा हवा में तैरने वाले सूक्ष्म कणों - पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) की मात्रा तय सीमा से कई गुना ज्यादा बढ़ गई है. गुरुवार को हवा में पीएम-10 की मात्रा 1136, जबकि पीएम 2.5 की मात्रा 760 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई. इसे देखते हुए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने कई निर्देश जारी किए हैं और इस खबर को सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया है.

दीपावली के आसपास पंजाब और हरियाणा के किसान अपने खेतों में फसलों के बचे अवशेष में आग लगाते हैं और दिल्ली की हवा प्रदूषित होने के लिए इसको भी जिम्मेदार माना जाता है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस समस्या से निपटने के लिए दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करने की पहल की थी लेकिन इस पर इनके बीच कोई सहमति नहीं बन पाई. सोशल मीडिया में इसकी भी चर्चा है. पत्रकार शिवम विज ने ट्विटर पर कहा है कि मोदी, केजरीवाल, खट्टर और अमरिंदर सिंह, ये सभी प्रदूषण को लेकर अपनी-अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़े हुए हैं... और जब अदालत कुछ करती है तो हम न्यायिक सक्रियता पर आपत्ति जताने लगते हैं.

हालांकि इस बीच यहां सबसे ज्यादा चर्चा ऑड-ईवन की है. वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने ऑड-ईवन योजना को दोबारा लागू करने का फैसला किया है. दिल्ली की सड़कों पर वाहनों की संख्या नियंत्रित करने के लिए यह योजना 13 से 17 नवंबर तक लागू रहेगी. आम लोगों ने जहां इसका स्वागत किया है वहीं सोशल मीडिया में इसको लेकर सवाल भी उठ रहे हैं. वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई का ट्वीट है, ‘प्रदूषण से निपटने के लिए ऑड-ईवन योजना को फिर से लागू करना भारत में प्रचलित प्रतीकवाद का उदाहरण है. मरीज यहां कैंसर से मर रहा हैं और उसे बैंडेड लगाई जा रही है!’ कुछ लोगों ने इस योजना को देर से लागू करने पर भी सवाल उठाए हैं. ट्विटर हैंडल @OneTipOneHand_ पर तंजभरी टिप्पणी है, ‘अरविंद केजरीवाल सही मायने में इंजीनियर हैं. सिर्फ इंजीनियर ही पूरे सेमेस्टर भर सोता है और परीक्षा के सिर्फ एक दिन पहले पढ़ाई शुरू करता है.’

सोशल मीडिया में इस मुद्दे पर आईं कुछ और प्रतिक्रियाएं :

शकुनि मामा | @ShakuniUncle

दिल्ली में वायु प्रदूषण खत्म होना मुश्किल है क्योंकि केजरीवाल सोचते हैं - ऑड डे पर कारें प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं और ईवन डे पर किसान!

जगदीश ओझा | @jagdishojha45

दिल्ली के मुख्यमंत्री सबको साथ ले कर चलते है. अरविंद केजरीवाल पहले अकेले खांसा करते थे, लेकिन अब पूरी दिल्ली उनके साथ खांस रही है.

मंजुल | @MANJULtoons

प्रदूषण विरोधी अभियान!

मनोज कुमार | @ManojSahuG

पक्केतौर पर नहीं कहा जा सकता कि वायु प्रदूषण नियंत्रित करने में ऑड-ईवन का कोई असर पड़ेगा. लेकिन इससे हवा को साफ-स्वच्छ रखने के प्रति हमारी जिम्मेदारी का एहसास और योगदान जरूर बढ़ जाता है.

कुमार कुणाल | @KumarKunalmedia

मनोज तिवारी मास्क बांट रहे हैं, अरविंद केजरीवाल ऑड-ईवन लागू कर रहे हैं. ये सब मौसमी मेंढक हैं. सिर्फ मौसम में टर्राते हैं. मौसम खत्म होते ही शीत निद्रा में चले जाएंगे, फिर इन्हें अगले मौसम का ही इंतजार रहेगा.

ब्लू लेमन | @Indopolity

प्यारे दिल्ली वालो, कृपया ध्यान दें. सांस लेने के लिए ऑड डे पर बाएं फेंफड़े का इस्तेमाल करें और ईवन डे पर दाएं फेंफड़े का... – अरविंद केजरीवाल.