दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा से जुड़ी खबरों को आज भी लगभग सभी अखबारों ने तस्वीरों के साथ पहले पन्ने पर जगह दी है. खबरों के मुताबिक गुरुवार को इस समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार और पर्यावरण से जुड़ी संस्थाओं द्वारा कई कदम उठाए गए हैं. दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने 13 से 17 नवंबर के बीच एक बार फिर ऑड-इवन योजना को लागू करने का फैसला किया है. दूसरी ओर, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने भी 14 नवंबर तक निर्माण कार्यों और औद्योगिक गतिविधियों पर रोक सहित कई आदेश जारी किए हैं.

इस साल किसानों को 36,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान : एआईकेएससीसी

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) ने इस साल दलहन और धान सहित सहित सात फसलों की खेती में 36,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात कही है. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वजह सरकारी खरीद दर (एमएसपी) की तुलना में बाजार में फसलों की कीमत कम होना है. एआईकेएससीसी के सदस्य योगेंद्र यादव का कहना है कि अगर इसमें खराब होने वाली फसल जैसे, आलू और प्याज को शामिल कर दें तो नुकसान का आंकड़ा और अधिक हो जाता है.

राजस्थान : गुर्जर सहित पांच जातियों के लिए आरक्षण पर हाई कोर्ट ने रोक लगाई

राजस्थान में गुर्जर सहित पांच जातियों के लिए आरक्षण पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है. दैनिक जागरण ने इसे पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक राजस्थान हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी की. अदालत ने कहा कि राजनेता देश को बांट रहे हैं और वे राजनीतिक फायदे हासिल करने के लिए इस तरह का कदम उठाते हैं. इससे पहले इस आरक्षण से संबंधित ओबीसी आरक्षण विधेयक- 2017 को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी. इसके खिलाफ दायर याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के बावजूद विधेयक को विधानसभा में पारित किया गया.

आरबीआई ने बैंकों को बुजुर्गों और शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को घर तक बैंकिंग सुविधा देने का निर्देश दिया

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को घर तक बैंकिंग सुविधा देने का निर्देश दिया है. इसके लिए बैंकों को दिसंबर तक का वक्त दिया गया है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक इस बारे में अधिसूचना जारी करते हुए आरबीआई ने कहा कि कई बार बैंक इन लोगों को बुनियादी बैंकिंग सुविधाएं देने में आनाकानी करते हैं और शाखा से वापस लौटा देते हैं.

चुनाव को देखते हुए शीतकालीन सत्र बुलाने में देरी संसदीय लोकतंत्र पर हमला : कांग्रेस

इस साल संसद के शीतकालीन सत्र को बुलाने में देरी की संभावना पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस का कहना है कि गुजरात चुनाव से पहले अर्थव्यवस्था पर परेशान करने वाले सवालों से बचने के लिए इसमें देरी की जा रही है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य सभा सांसद आनंद शर्मा ने इसे ‘संसदीय लोकतंत्र पर हमला’ बताया है. उन्होंने अखबार के साथ बातचीत में कहा, ‘ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी राज्य में चुनाव की वजह से संसद के सत्र को बुलाने में देरी की जा रही है. इससे पहले चुनाव हो या न हो, लेकिन सत्र तय वक्त पर बुलाए जाते रहे हैं.’ आमतौर पर शीतकालीन सत्र नवंबर के तीसरे हफ्ते से लेकर क्रिसमस के दो दिन पहले तक संचालित किया जाता है. साथ ही, इसके लिए संसदीय मामलों पर कैबिनेट समिति सत्र बुलाने से 15 दिन पहले तारीखों का ऐलान करती है.

आज का कार्टून

संसद का शीतकालीन सत्र बुलाने में देरी पर द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित आज का कार्टून :