केंद्र सरकार और भाजपा भले ही नोटबंदी को काले धन के खिलाफ सफल कदम बता रही हो लेकिन भाजपा सांसद इससे सहमत नहीं दिखाई दे रहे हैं. गुरुवार को भाजपा सांसद और बीड़ी कारोबारी श्यामा चरण गुप्ता ने कहा कि इसने असंगठित क्षेत्र को अपंग बना दिया है. उनका यह भी कहना था कि यह असंगठित क्षेत्र में बेरोजगारी और खुदकुशी के लिए भी जिम्मेदार है. अंग्रेजी अखबार द हिंदू के अनुसार इलाहाबाद से भाजपा सांसद श्यामा चरण गुप्ता ने यह बातें वित्त मामलों की संसद की स्थायी समिति की बैठक में कही. इसके अध्यक्ष कांग्रेस सांसद वीरप्पा मोइली हैं.

इस बैठक में आर्थिक मामलों के सचिव सतीश चंद्र गर्ग, वित्तीय सेवाओं के सचिव राजीव कुमार और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष सुशील चंद्र भी मौजूद रहे. इसके एक अन्य सदस्य ने बताया कि श्यामा चरण गुप्ता ने असंगठित क्षेत्र में भुखमरी जैसे हालात होने का दावा किया. इसके साथ उन्होंने असंगठित क्षेत्र में श्रमिकों की खुदकुशी के आंकड़ों को लेकर वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से सवाल भी पूछे. बीड़ी जैसे व्यवसायों पर नोटबंदी के असर को लेकर श्यामा चरण गुप्ता ने कहा कि पहले नगदी की कमी से नौकरियां गईं, फिर बीड़ी पर 28 फीसदी वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) ने मांग को पूरी तरह घटा दिया. हालांकि, उनके इन तमाम आरोपों पर समिति के दूसरे भाजपा सदस्य मौन रहे. रिपोर्ट के मुताबिक किसी ने न तो उनका विरोध किया और न ही नोटबंदी या जीएसटी के समर्थन में कुछ कहा. केवल बेंगलुरू से राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर ने नोटबंदी का समर्थन किया.

इस बीच मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और भाजपा विधायक ओम प्रकाश धुर्वे ने जीएसटी को समझ से परे बताया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार उन्होंने कहा, ‘जीएसटी को मैं खुद नहीं समझ पा रहा इसलिए इस बारे में नहीं बोलूंगा. बड़े-बड़े सीए नहीं समझ पा रहे हैं, व्यापारी भी नहीं समझ पा रहे हैं.’ हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, ‘सब समझ-समझ का खेल है. धीरे-धीरे जब समझ जाएंगे तो बहुत सुकून मिलेगा, अच्छा लगेगा.’ जीएसटी को इसी साल जुलाई में लागू किया गया था. लेकिन इसके ढांचे को लेकर काफी आलोचना हो रही है.