नेता भक्ति की बीमारी अब तक नेताओं के समर्थकों में ही होती थी. लेकिन अब लगता है कि सरकारी अमले को भी यह रोग लग गया है. मध्य प्रदेश पुलिस का ताजा कारनामा तो कम से कम यही संकेत देता है.

प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक स्थानीय अख़बार में प्रकाशित ख़बर के अनुसार राज्य पुलिस ने अभी हाल में ही एक कैलेंडर छापा है. नशे के ख़िलाफ़ जागरूकता अभियान के तहत यह कैलेंडर छापा गया है. इस कैलेंडर में हर पन्ने पर ऊपर की तरफ नशामुक्ति का संदेश देते कार्टून हैं. जबकि नीचे इसी तरह के संदेश महापुरुषों के जरिए दिया गया है. और इन महापुरुषों में शुमार होते हैं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ.

ख़बर के अनुसार मध्य प्रदेश पुलिस की नारकोटिक्स शाखा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) वरुण कपूर की पहल पर यह कैलेंडर छपवाया गया है. और अख़बार से बातचीत में कपूर अपने कारनामे का बचाव भी करते हैं. उनकी दलील है, ‘भागवत कोई आतंकी नहीं हैं. वे एक महापुरुष और बड़े चिंतक हैं. उनके गुणों की वजह से उन्हें कैलेंडर में जगह दी गई है.’ हालांकि अमित शाह और योगी आदित्यनाथ को उनके किन ‘गुणों’ की वजह से शामिल किया गया? इसकी कोई दलील उनके पास भी शायद नहीं है.

इस सिलसिले में जब सत्याग्रह ने उनसे बातचीत की कोशिश की तो शुक्रवार को भोपाल में राष्ट्रपति का प्रवास होने की वजह से उनसे संपर्क नहीं हो सका. अलबत्ता पुलिस मुख्यालय के प्रभारी जनसंपर्क अधिकारी दुर्गेश रायकवार से जरूर बात हुई. लेकिन उन्होंने भी कैलेंडर का जिक्र आते ही ‘दो घंटे बाद बात हो सकेगी’ ऐसा कहकर फोन रख दिया. उधर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने पुलिस के इस कारनामे पर अफ़सोस जताया है. उन्होंने कहा, ‘यह खेदजनक है कि पुलिस अफसर राजनीतिक दलों का काम कर रहे हैं.’