केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे करीब ढाई करोड़ अप्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को देश में मतदान का अधिकार देने की तैयारी कर रही है. और ऐसा होने पर 2019 के लोकसभा चुनाव में भी इसका बड़ा असर पड़ना करीब-करीब तय माना जा रहा है.

द एशियन एज़ के मुताबिक इस बाबत मोदी सरकार जनप्रतिनिधित्व कानून में संशोधन करने वाली है. संशोधित विधेयक आगामी शीतकालीन सत्र में ही पेश किया जा सकता है. इसके तहत अप्रवासी भारतीयों को प्रॉक्सी (किसी प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने के लिए लिखित में किसी को अधिकृत करना) या इलेक्ट्रॉनिक-डाक मतपत्र के जरिए वोट देने का अधिकार दिया जाएगा. अभी तक सिर्फ रक्षाकर्मियों को ही प्रॉक्सी या डाक मतपत्र से वोट देने का अधिकार है.

ख़बर के मुताबिक केंद्र सरकार ने इस बाबत शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को भी सूचना दी है. एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने अदालत को यह भी बताया है कि चुनाव आयोग के सुझाव पर सरकार यह इंतजाम करने जा रही है. सुप्रीम कोर्ट में मामले से संबंधित कुछ याचिकाएं लंबित हैं. इन्हें अप्रवासी भारतीयों के समूहों ने दायर किया है. शीर्ष अदालत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र की अगुवाई वाली बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है.