गुड़गांव के रयान स्कूल मर्डर केस में गिरफ़्तार किए गए बस कंडक्टर अशोक कुमार का परिवार अब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी में है. मामले में सीबीआई द्वारा स्कूल के 11वीं कक्षा के छात्र को हिरासत में लिए जाने के बाद उसने यह फ़ैसला किया. एनडीटीवी की ख़बर के मुताबिक़ अशोक के पिता अमीरचंद ने कहा, ‘अब यह लगभग साफ़ है कि मेरे बेटे अशोक को फंसाया और बलि का बकरा बनाया गया. हमने गुड़गांव पुलिस के विशेष जांच दल के अधिकारियों के ख़िलाफ़’ केस करने का फ़ैसला किया है जिन्होंने उसे फंसाया और प्रताड़ित किया, यहां तक की मीडिया के सामने जुर्म स्वीकारने के लिए उसे नशीली दवा भी दी गई.’

अमीरचंद ने कहा कि वे केस के लिए गांव और उसके मुखिया से वित्तीय मदद पाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि गांव के लोग उनके साथ हैं और वे सभी अशोक के लिए न्याय और ग़ैर-ज़िम्मेदार पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

उधर, अशोक कुमार ने भी पुलिस के ख़िलाफ़ केस करने की बात कही है. हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़ अशोक के वकील मोहित वर्मा ने भी कहा कि उनके मुवक्किल को बलि का बकरा बनाया गया. मोहित ने कहा, ‘हम सीबीआई की क्लोज़र रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं जिसके बाद हम पुलिस और स्कूल प्रबंधन के ख़िलाफ़ मानहानि का केस करेंगे.’

बीते मंगलवार को सीबीआई ने इस केस को लेकर सनसनीख़ेज़ तथ्य पेश किए थे. गुड़गांव पुलिस की अशोक कुमार को हत्यारा बताने की थ्योरी को ख़ारिज करते हुए सीबीआई ने बताया कि प्रद्युमन का ख़ून स्कूल के एक सीनियर छात्र ने किया था. सीबीआई ने बताया था कि छात्र ने स्कूल की परीक्षा और पेरेंट्स मीटिंग टलवाने के लिए प्रद्युमन की हत्या की. जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि उसे अभी तक हत्या में अशोक का हाथ होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं.

मामले में आए नए मोड़ ने राजनीति को भी गर्मा दिया है. विपक्षी दलों ने राज्य की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर हमला करते हुए पुलिस की जांच को ‘घटिया’ बताया. पूर्व में हुड्डा सरकार में मंत्री रहे अजय यादव ने तीन पुलिस उपायुक्तों और मामले की जांच करने वाले एसआईटी अधिकारियों के ख़िलाफ़ जांच की मांग की है.