मोदी सरकार ने पैराडाइज पेपर्स मामले की जांच के आदेश दिए | सोमवार, 06 नवंबर 2017

केंद्र सरकार ने सोमवार को पैराडाइज पेपर्स लीक मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष सुशील चंद्रा की अगुवाई में होने वाली इस जांच को उसी ‘मल्टी एजेंसी समूह’ को सौंपा गया है जो पनामा पेपर्स मामले की जांच कर रहा है. सीबीडीटी के अनुसार इस जांच दल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) के प्रतिनिधि शामिल होंगे. उधर भारतीय प्रतिभूति और विनिमिय बोर्ड (सेबी) ने भी मामले की अलग से जांच कराने की घोषणा की है.

सीबीडीटी ने आज बताया कि उसे इस मामले में ‘त्वरित कार्रवाई’ का भी अधिकार सौंपा गया है. इसके बाद उसने आयकर विभाग की देश भर की सभी जांच इकाइयों को इस मामले में फौरन कार्रवाई के लिए सतर्क कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एजेंसियों का यह समूह इस मामले में आरोपित सभी 714 व्यक्तियों और कंपनियों के आयकर रिटर्न की जांच करेगा, इसके बाद ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी. हालांकि सीबीडीटी ने बताया है कि उसे इस खुलासे के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिली है.

क्यों जीएसटी लागू होने के बाद मिजोरम में वित्तीय संकट खड़ा हो गया है | मंगलवार, 07 नवंबर 2017

मिजोरम के वित्त मंत्री लालसावता ने वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद राज्य में गंभीर वित्तीय संकट खड़ा होने की बात कही है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा कि जुलाई में जीएसटी लागू करने के बाद राज्य के राजस्व में बड़े पैमाने पर कमी आई है. उन्होंने आगे कहा कि अलग-अलग स्रोतों से केवल 50 फीसदी राजस्व की ही उगाही हो पा रही है. मिजोरम जीएसटी विधेयक को मंजूरी देने वाला 13वां राज्य था. सूत्रों के मुताबिक अन्य राज्यों के राजस्व में औसतन 33 फीसदी की गिरावट आई है.

मिजोरम के वित्त मंत्री लालसावता ने जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र से आवंटित राशि का केवल 50 फीसदी हिस्सा जारी होने का सवाल उठाया. रिपोर्ट के मुताबिक इस वित्तीय संकट पर सोमवार को वित्त मंत्री की अध्यक्षता में राज्य के कर विभाग के अधिकारियों की आपात बैठक भी हुई. इसमें जीएसटी की उगाही में आने वाली समस्याओं पर चर्चा की गई. वित्त मंत्री लालसावता ने बताया कहा कि राज्य में इंटरनेट कनेक्टिविटी ठीक न होने की वजह से जीएसटी को प्रभावी तरीके से लागू करने में दिक्कत आ रही है.

मिजोरम के वित्तमंत्री लालसावता ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद राज्य की वित्तीय स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई है. उन्होंने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के बाद राज्य पर 800 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ आएगा.

मैरी कॉम की यह जीत बताती है कि अभी उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियों की सूची और लंबी हो सकती है| बुधवार, 08 नवंबर 2017

भारतीय मुक्केबाज़ मैरी कॉम ने वियतनाम के हो चि मिन्ह में चल रही एशियाई मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत लिया है. बुधवार को हुए फ़ाइनल मुक़ाबले में उन्होंने उत्तर कोरिया की किम ह्यांग मी को 5-0 से हरा दिया. मैरी कॉम इस प्रतियोगिता में अब तक छह पदक हासिल कर चुकी हैं. इनमें से पांच स्वर्ण और एक रजत पदक हैं. आज की जीत से पहले उन्होंने 2003, 2005, 2010 और 2012 में स्वर्ण पदक जीता था.

ख़बर के मुताबिक़ दोनों मुक्केबाज़ पहले राउंड से आक्रामक रहीं. मैरी कॉम ने एक के बाद एक वार किए लेकिन किम पीछे नहीं हटीं. राउंड ख़त्म होने तक उन्होंने भी मैरी कॉम पर कुछ पंच मारे थे. दूसरे और तीसरे राउंड थोड़ा फीके रहे. इनमें मैरी कॉम ने रक्षात्मक खेल खेला. उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी को रोका और मौक़ा मिलने पर कुछ पंच भी लगाए. उनकी रणनीति कामयाब रही और आखिर में वे विजयी रहीं.

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने राज्य सभा में भेजने की आप की पेशकश ठुकराई | गुरुवार, 09 नवंबर 2017

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने आप (आम आदमी पार्टी) की पेशकश ठुकरा दी है. आप उन्हें राज्य सभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाना चाहती थी.

एनडीटीवी के मुताबिक इस सिलसिले में अमेरिका की शिकागो यूनिवर्सिटी में स्थित राजन के दफ़्तर से स्पष्टीकरण जारी किया गया. इसमें कहा गया है, ‘प्रोफेसर राजन भारत में विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों से जुड़े हैं. वे शिकागो यूनिवर्सिटी में पूर्णकालिक तौर पर शिक्षण कार्य कर रहे हैं. फिलहाल इस काम को छोड़ने की उनकी कोई योजना नहीं है.’ बताते चलें कि राजन ने चार सितंबर 2016 को आरबीअाई के गवर्नर के तौर पर अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा किया था. इसके बाद वे अध्ययन-अध्यापन के लिए अमेरिका लौट गए थे. वहां वे शिकागो यूनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ बिज़नेस में फायनेंस के प्रोफेसर के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं.

राजन के बारे में अभी बुधवार को ही ख़बर आई थी कि आप उन्हें राज्य सभा के लिए उम्मीदवार बनाने की कोशिश कर रही है. इस ख़बर के मुताबिक दिल्ली में सत्तासीन आप तीन सदस्यों को राज्य सभा में भेज सकती है. इनमें से सभी पर उसने पार्टी से बाहर के जाने-माने लोगों को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है. इन्हीं में राजन का नाम सबसे ऊपर बताया गया था. इंडिया टुडे से बातचीत में खुद आप के प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसकी पुष्टि की थी. बल्कि आप के नेता तो इस संभावित स्थिति को ही पार्टी के पक्ष में भुनाने भी जुट गए थे. इसी कोशिश के तहत आप नेता आशीष खेतान ने ट्वीट भी किया था.

गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत होगी, लेकिन 150 सीटें नहीं मिलेंगी : सर्वे | शुक्रवार, 10 नवंबर 2017

गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर किए गए एक सर्वे में भाजपा की जीत का अनुमान लगाया गया है. हालांकि उसे अपने 150 सीटों के निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक़ सीटें नहीं मिलती दिख रहीं. एबीपी-सीएसडीएस द्वारा किए गए इस सर्वे के मुताबिक़ भाजपा को 113 से 121 सीटें मिल सकती हैं जबकि कांग्रेस को 58 से 64 सीटें मिलने की बात कही गई है.

दूसरे चरण के तहत अक्टूबर के आख़िरी हफ़्ते में किए गए पोल में बताया गया कि भाजपा की सीटें कम हो सकती हैं. अगस्त में पहले चरण के तहत हुए सर्वे में इससे ज़्यादा सीटें मिलने की बात कही गई थी. ताज़ा सर्वे में बताया गया कि भाजपा को राज्य में 47 प्रतिशत वोट मिलेंगे. अगस्त में यह आंकड़ा 59 प्रतिशत बताया गया था. वहीं, कांग्रेस को 41 प्रतिशत वोट मिलने की बात कही गई है. यानी उसके वोटों में 12 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है.

रयान स्कूल मर्डर केस : बस कंडक्टर अशोक कुमार के परिवार ने पुलिस पर केस करने का फ़ैसला किया | शनिवार, 11 नवंबर 2017

गुड़गांव के रयान स्कूल मर्डर केस में गिरफ़्तार किए गए बस कंडक्टर अशोक कुमार का परिवार अब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी में है. मामले में सीबीआई द्वारा स्कूल के 11वीं कक्षा के छात्र को हिरासत में लिए जाने के बाद उसने यह फ़ैसला किया. एनडीटीवी की ख़बर के मुताबिक़ अशोक के पिता अमीरचंद ने कहा, ‘अब यह लगभग साफ़ है कि मेरे बेटे अशोक को फंसाया और बलि का बकरा बनाया गया. हमने गुड़गांव पुलिस के विशेष जांच दल के अधिकारियों के ख़िलाफ़’ केस करने का फ़ैसला किया है जिन्होंने उसे फंसाया और प्रताड़ित किया, यहां तक की मीडिया के सामने जुर्म स्वीकारने के लिए उसे नशीली दवा भी दी गई.’

अमीरचंद ने कहा कि वे केस के लिए गांव और उसके मुखिया से वित्तीय मदद पाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि गांव के लोग उनके साथ हैं और वे सभी अशोक के लिए न्याय और ग़ैर-ज़िम्मेदार पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

उधर, अशोक कुमार ने भी पुलिस के ख़िलाफ़ केस करने की बात कही है. हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़ अशोक के वकील मोहित वर्मा ने भी कहा कि उनके मुवक्किल को बलि का बकरा बनाया गया. मोहित ने कहा, ‘हम सीबीआई की क्लोज़र रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं जिसके बाद हम पुलिस और स्कूल प्रबंधन के ख़िलाफ़ मानहानि का केस करेंगे.’