केरल में राजनीतिक हत्याओं का सिलसिला जारी है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक रविवार को ही त्रिशूर जिले में राष्ट्रीय स्वसंसेवक संघ (आरएसएस) के एक स्वयंसेवक की हत्या कर दी गई है. आरएसएस स्वयंसेवक का नाम आनंद बताया गया है. वे खुद चार साल पहले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यकर्ता फाज़िल की हत्या के मामले में आरोपित थे और फिलहाल जमानत पर चल रहे थे.

अख़बार के मुताबिक आरएसएस स्वयंसेवक आनंद की मोटरसाइकिल से हमलावरों ने पहले कार भिड़ा दी. इसके बाद जब वे सड़क पर गिर गए बुरी तरह उन्हें पीटा. घायल आनंद को तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया. लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.

भारतीय जनता पार्टी ने आनंद की हत्या के लिए माकपा के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार बताया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के राजशेखरन ने कहा है, ‘केरल में वाम आतंक का खूनी खेल जारी है. राज्य में वाम आतंक चरम पर है और केरल का जंगल राज उसकी मदद कर रहा है.’

केरल में राजनीतिक हत्याओं का सिलसिला काफी लंबे समय से चल रहा है. मई-2016 में वाम दलों के नेतृत्व वाले गठबंधन के सत्ता में आने के बाद से ही इन हत्याओं में और बढ़ोतरी देखी गई है. राजनीतिक संघर्षाें और हत्याओं के लिहाज से कन्नूर जिले को संवेदनशील माना जाता है. यहां 1995 से अब तक 96 राजनीतिक कार्यकर्ताअों की हत्या हो चुकी है. इनमें भाजपा और आरएसएस से जुड़े 42 तथा माकपा के 40 कार्यकर्ता हैं. इन हत्याओं के लिए दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप भी लगाते रहते हैं.