राजस्थान के अलवर में कथित गोरक्षा और गोतस्करी से जुड़ा एक और मामला सामने आया है. शुक्रवार को ज़िले के एक सुनसान इलाक़े में एक वाहन से 15 किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक के पास एक शव मिला. इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़ यह शव वाहन में बैठे तीन लोगों में से एक उमर मोहम्मद का है. पुलिस ने बताया कि वाहन में गायों को ले जाया रहा था.

घटना के बारे में अलवर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राहुल प्रकाश ने कहा, ‘अभी ज़्यादा कुछ साफ़ नहीं है. शुक्रवार सुबह छह बजे पशु तस्करों से संबंधित एक वाहन मिला था.’ एसपी ने बताया कि कथित गोतस्करों के ख़िलाफ़ राजस्थान गोजातीय पशुओं अधिनियम के तहत एफ़आईआर दर्ज कर ली गई है और वाहन को फ़ॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है. राहुल प्रकाश के मुताबिक हमलावरों के पकड़े जाने तक उमर के रिश्तेदारों ने उसका पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा, ‘हम शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जयपुर भेज रहे हैं और उसी के मुताबिक़ कार्रवाई करेंगे.’

उधर, अलवर की मेव पंचायत के मुखिया शेर मोहम्मद ने आरोप लगाया कि गोरक्षकों ने उमर की हत्या कर उसका शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया ताकि यह एक दुर्घटना लगे. पुलिस के मुताबिक उमर के रिश्तेदारों की तरफ़ से आईपीसी की धारा 302 और 201 के तहत दूसरी एफ़आईआर दर्ज कराई गई. उन्होंने बताया कि हमले के समय उमर के साथ उसके दो भाई ताहिर और जावेद भी मौजूद थे.

उमर के एक रिश्तेदार इलियास ने बताया कि केवल जावेद ही हमले से बच निकलने में कामयाब रहा. उन्होंने बताया, ‘उसने (जावेद) मुझे बताया कि उन पर बंदूकधारियों ने हमला किया. उसने कहा कि वह बड़ी मुश्किल से बचा और बाक़ी दोनों भाइयों का उसे नहीं पता.’ उधर, सीओ अनिल बेनीवाल ने कहा कि प्रथमदृष्टया गाड़ी और शव पर गोली के कोई निशान नहीं मिले हैं. उमर का भाई ताहिर हरियाणा के अस्पताल में भर्ती बताया गया है.

इसी साल अप्रैल में अलवर में ही कथित गोरक्षकों ने पहलू ख़ान नाम के व्यक्ति की हत्या कर दी थी. डेयरी का काम करने वाले पहलू ख़ान राजस्थान से गाय ख़रीदकर हरियाणा जा रहे थे. भीड़ ने उन्हें पशु तस्कर समझकर हमला किया था. हमले के दो दिन बाद उनकी मौत हो गई थी.