बांग्लादेश सरकार ने ठाकुरबारी गांव में हिंदुओं के 30 घरों में आगज़नी किए जाने के मामले में पीड़ितों को मुआवज़ा देने की बात कही है. सोमवार को भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यह जानकारी दी. सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर बताया कि बांग्लादेश सरकार ने घटना वाले क्षेत्र में रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा का आश्वासन दिया है. उन्होंने बताया कि उन्हें बांग्लादेश स्थित भारतीय उच्चायुक्त से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मिली है.

सोशल मीडिया पर किए गए एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट के बाद रविवार को बांग्लादेश के ठाकुरबारी गांव में अल्पसंख्यक हिंदुओं के तीस घरों में आग लगा दी गई थी. बताया जा रहा है कि पोस्ट हज़रत मोहम्मद को लेकर की गई थी. ताज़ा जानकारी के मुताबिक़ इलाक़े के हालात अभी भी नाज़ुक बन हुए हैं. पुलिस ने 53 लोगों को गिरफ़्तार किया है. रंगपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मिज़ानुर रहमान ने बताया कि जमात-ए-इस्लामी (जेआईआई) के आतंकियों ने संसदीय चुनावों से पहले अशांति फैलाने के मक़सद से यह आगज़नी की है. उन्होंने कहा, ‘आगज़नी के लिए (लोगों को) भड़काने वाले और हिंदुओं के घरों को लूटने वाले यही लोग हैं.’ वहीं, हिंदुओं के घरों में आग लगाने वाली भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके अलावा हालात नियंत्रित करने के लिए रबर की गोलियां और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से पांच लोग घायल हो गए.

रहमान ने बताया कि आगज़नी के लिए भड़काने वाले चार लोगों की पहचान कर ली गई है. एक को गिरफ़्तार भी कर लिया गया है जो जमात-ए-इस्लामी समूह का सहायक सचिव है. अन्य तीनों फ़रार आरोपितों के घरों में छापेमारी की गई है. इस घटना के पीछे स्थानीय राजनीतिक दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता बाबुल मियाह का हाथ होने की भी बात सामने आई है. कोतवाली पुलिस स्टेशन के कार्यालय के प्रभारी ने यह जानकारी दी है. वहीं, रंगपुर के पुलिस उपायुक्त वहीदुज़्जमान ने कहा कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है और उसे एक हफ़्ते के अंदर रिपोर्ट देने को कहा गया है.