नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) ने जम्मू-कश्मीर स्थित वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले लोगों की संख्या सीमित कर दी है. अब रोजाना केवल 50 हजार लोग ही दर्शन कर सकेंगे. न्यूज18 के मुताबिक एनजीटी ने कहा कि मंदिर का मौजूदा ढांचा 50 हजार से ज्यादा लोगों का भार नहीं उठा सकता है और वहां पर नुकसान होने का जोखिम है, इसलिए यह सीमा लगाई जा रही है. एनजीटी ने इसके साथ मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों पर भी रोक लगा दी है.

रिपोर्ट के मुताबिक एनजीटी की जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि रोजाना 50 हजार दर्शनार्थियों की संख्या पूरी होने पर अतिरिक्त यात्रियों को कटरा या अर्द्धकुमारी में रोक लिया जाएगा. एनजीटी ने यह भी कहा कि 24 नवंबर को श्रृद्धालुओं के लिए एक पैदल रास्ता और बैटरी से चलने वाली कार सेवा को शुरू किया जाएगा. एनजीटी ने इस नए रास्ते पर खच्चरों और घोड़ों के इस्तेमाल रोकने के साथ पुराने रास्ते पर भी इनके इस्तेमाल को धीरे-धीरे घटाने की बात कही है. एनजीटी का यह आदेश यात्रियों की आवाजाही और माल ढुलाई में खच्चरों और घोड़ों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग करने वाली एक याचिका पर आया है.

एनजीटी ने पिछले साल भी श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड से मंदिर परिसर में पैदा होने वाले ठोस कचरे की जानकारी मांगी थी. इसके अलावा बोर्ड को परिसर के लिए एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का भी आदेश दिया था. इसका मकसद यहां से निकलने वाले कचरे को सीधे बाणगंगा नदी में जाने से रोकना था.