गुजरात के युवा नेता और पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के प्रमुख हार्दिक पटेल के एक महिला के साथ यूट्यूब पर वीडियो लीक होने से राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ गया है. हालांकि हार्दिक पटेल ने सोमवार को इस वीडियो को फर्जी बताते हुए इसे भारतीय जनता पार्टी की ‘डर्टी पॉलिटिक्स’ कहा है. उन्होंने इसे गुजरात की महिलाओं का अपमान भी बताया है. यह वीडियो गांधीनगर में पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति की उस बैठक से पहले जारी हुआ जिसमें कांग्रेस द्वारा पाटीदारों के लिए आरक्षण के फार्मूले पर चर्चा होनी थी.

इस वीडियो को अश्विन सांग्लेश्वरीया नामक शख्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि यह तमिलनाडु में ऊटी के एक होटल का है. उसने दावा किया है कि वीडियो में दिखने वाला युवक हार्दिक पटेल है. वीडियो में दर्ज तारीख के अनुसार यह वीडियो करीब छह महीने पहले 16 मई, 2017 का है. इसमें हार्दिक पटेल बताए गए युवक और युवती के बीच किसी नौकरी और उसके इंटरव्यू को लेकर बातचीत हो रही है.

यह वीडियो जारी होने के बाद हार्दिक पटेल ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में करीब 100 फर्जी अश्लील वीडियो शूट किए गए हैं. उन्होंने शुक्रवार को भी कहा था कि भाजपा ने चुनावी फायदे के लिए चुनाव के ठीक पहले उन्हें बदनाम करने की नीयत से कई फर्जी वीडियो तैयार करवाए हैं. उन्होंने भाजपा पर अप्रत्यक्ष तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला की जासूसी, हत्या और फर्जी सीडी जारी करने का काम कौन करता है यह सब जानते हैं. उन्होंने आगे कहा कि भाजपा जैसी पार्टी से कोई उम्मीद भी क्या कर सकता है.