प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिलीपींस दौरे से जुड़ी खबरें आज भी अखबारों के पहले पन्ने पर हैं. खबरों के मुताबिक सोमवार को भारतीय प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध परस्पर हितों से कहीं आगे बढ़कर हैं. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने भी नरेंद्र मोदी को शानदार काम करने वाला मित्र बताया. इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के साथ दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों से जवाब मांगा है. यह खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रदूषण की तुलना आपातकालीन परिस्थितियों से की है.

आजादी के बाद भारत में सबसे बड़ा झूठ धर्मनिरपेक्ष शब्द है : आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने आजादी के बाद धर्मनिरपेक्ष (सेकुलर) शब्द को सबसे बड़ा झूठ करार दिया है. द इंडियन एक्सप्रेस ने इसे मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक उन्होंने कहा कि इससे देश को नुकसान पहुंचा है. छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में आदित्यनाथ ने कहा, ‘मेरा मानना है कि आजादी के बाद भारत में सबसे बड़ा झूठ धर्मनिरपेक्ष शब्द है. उन लोगों को माफी मांगनी चाहिए, जिन्होंने इस शब्द को जन्म दिया और जो ये शब्द इस्तेमाल करते हैं.’ उनका आगे मानना था कि कोई व्यवस्था धर्मनिरपेक्ष नहीं, पंथनिरपेक्ष हो सकती है. इसके अलावा मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ को लेकर कहना था, ‘इतिहास को तोड़-मरोड़ के प्रस्तुत करना राष्ट्रद्रोह से कम नहीं.’

कश्मीर में पत्थरबाजी में 90 फीसदी गिरावट : पुलिस

जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख एसपी वैद ने बीते साल की तुलना में 2017 में पत्थरबाजी की घटनाओं में 90 फीसदी गिरावट होने की बात कही है. हिन्दुस्तान में छपी एक खबर के मुताबिक उन्होंने इसका श्रेय कश्मीर के लोगों को दिया है. एसपी वैद का इस बारे में कहना था कि पत्थरबाजी की घटना में कमी के पीछे केवल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जिम्मेदार नहीं है बल्कि, नोटबंदी और शीर्ष आतंकी कमांडर के खिलाफ कार्रवाई भी इसकी वजह है. उन्होंने आगे कहा, ‘कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति सब देख सकते हैं, खासकर वे जो कश्मीर में रहते हैं या फिर इससे जिनका नाता है.’ कश्मीर के लोगों के बारे में पुलिस प्रमुख का कहना था, ‘शायद लोगों ने महसूस किया हो कि अपनी ही संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और पुलिस को निशाना बनाना बेकार है.’

न्यायाधीशों पर घूस लेने के आरोप की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ‘इससे न्यायालिका की छवि खराब हुई है’

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को न्यायाधीशों द्वारा घूस लेने के आरोप पर कहा कि इससे न्यायालिका की छवि खराब हुई है और हर कोई इसे संदेह की नजर से देख रहा है. दैनिक जागरण ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक वरिष्ठ अधिवक्ता कामिनी जायसवाल की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस याचिका में जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं, उससे न्यायिक अवमानना का मामला बनता है. इस याचिका पर डेढ़ घंटे की बहस के बाद शीर्ष अदालत ने मंगलवार तक अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

गांवों में सड़कों पर अगले तीन वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना

केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ मिलकर अगले तीन वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत एक लाख रुपये खर्च करने की योजना बनाई है. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक इसके तहत नई सड़कों का निर्माण, सड़कों की मरम्मत और रखरखाव पर कुल 90,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. साथ ही, नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़कों के निर्माण पर भी 11,0000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है. बताया जाता है कि इस रकम में 65,000 करोड़ रु का योगदान केंद्र करेगा. बाकी रकम का इंतजाम राज्यों को करना होगा.

आज का कार्टून

न्यायाधीशों पर घूस लेने के आरोप पर द टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित आज का कार्टून :