भारत के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) की 13 सदस्यों वाली जूरी के प्रमुख सुजॉय घोष ने अचानक अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. और द इंडियन एक्सप्रेस की मानें तो उनके इस्तीफ़े के पीछे केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण (आईबी) मंत्रालय का रवैया जिम्मेदार हो सकता है. हालांकि इस बाबत सुजॉय ने कोई टिप्पणी नहीं की है.

अख़बार के मुताबिक ‘कहानी’ जैसी सुपरहिट बॉलीवुड फिल्म के निर्देशक सुजॉय ने अपने इस्तीफ़े की पुष्टि तो की है लेकिन इसका कोई कारण बताने से साफ मना कर दिया है. अलबत्ता सूत्रों की मानें तो सुजॉय के इस्तीफ़े के पीछे आईबी मंत्रालय का वह फैसला हो सकता है जिसके तहत इंडियन पैनोरमा सेक्शन की अंतिम सूची से दो फिल्मों को हटा दिया गया है. वह भी जूरी से कोई सलाह-मशविरा किए बिना ही.

सूत्र बताते हैं कि सनल शशिधरन की मलयालम फिल्म ‘एस दुर्गा’ और रवि जाधव की मराठी फिल्म ‘न्यूड’ को जूरी ने इंडियन पैनोरमा में शामिल किया था. लेकिन आईबी ने नौ नवंबर को जब आईएफएफआई में दिखाई जाने वाली फिल्मों की अंतिम सूची जारी की तो उसमें इस सेक्शन में ये दोनों ही फिल्में नहीं थीं. बताया जाता है कि इस पर सुजॉय सहित जूरी के सहित नाराज थे. उन्होंने इस फैसले की आलोचना भी की थी.

यही नहीं मंत्रालय ने दोनों फिल्मों को हटाकर विनोद कापड़ी की ‘पीहू’ को ओपनिंग फिल्म के तौर पर शामिल किया. बताया जाता है कि इससे जूरी के सदस्यों का असंतोष बढ़ गया. हालांकि मंत्रालय की ओर से अब तक इस मामले पर कोई टिप्प्णी नहीं की गई है. ग़ौरतलब है कि 20 से 28 नवंबर के बीच गोवा में आईएफएफआई का आयोजन होना है. इसमें इंडियन पैनोरमा में 26 फीचर और 16 गै़र-फीचर फिल्में दिखाई जाएंगी.