रोहिंग्या संकट के बीच म्यांमार ने रखाइन राज्य में सेना का नेतृत्व कर रहे मेजर जनरल को हटा दिया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार रखाइन राज्य में बड़े पैमाने पर बलात्कार और उत्पीड़न की खबरें सामने आने के बाद सेना ने शुक्रवार को मेजर जनरल मौंग मौंग सोइ को हटा दिया. वे रखाइन राज्य में पश्चिमी कमान का नेतृत्व कर रहे थे. म्यांमार के रखाइन राज्य से ही रोहिंग्या मुसलमानों के साथ सबसे ज्यादा हिंसा और उत्पीड़न की खबरें आई थीं.

हालांकि, मेजर जनरल मौंग मौंग सोइ को हटाने की आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है. म्यांमार के रक्षा मंत्रालय के मनोवैज्ञानिक युद्ध और जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक मेजर जनरल अये ल्विन कहा, ‘अभी मौंग मौंग सोइ को दूसरी जगह तैनात नहीं किया गया है. उन्हें रोक कर रखा गया है.’ रिपोर्ट के मुताबिक सैन्य साजोसामान के निदेशक ब्रिगेडियर जनरल सोइ टिंट नाइंग को मौंग मौंग सोइ की जगह जिम्मेदारी सौंपी गई है.

म्यांमार सेना ने यह कदम अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन की यात्रा के ठीक पहले उठाया है. रेक्स टिलरसन बुधवार को म्यांमार जाने वाले हैं. इससे पहले उन्होंने म्यांमार के अधिकारियों से रखाइन राज्य में हालात को काबू करने का अनुरोध किया था. अगस्त में विद्रोहियों के हमले के खिलाफ म्यांमार की सेना के जवाबी अभियान शुरू कर दिया था, जिसके बाद रोहिंग्या मुसलमानों का बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हो गया था. इस दौरान लगभग छह लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमानों ने बांग्लादेश में शरण ली है. संयुक्त राष्ट्र इसे ‘जातीय सफाए’ जैसी घटना बताया है. हालांकि, म्यांमार इन आरोपों को लगातार खारिज कर रहा है.