अगले चार साल में देश की सभी रेल लाइनों का विद्युतीकरण करने का लक्ष्य लेकर चल रही केंद्र सरकार इस साल करीब 1,500 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण करेगी. यह विद्युतीकरण की मौजूदा रफ्तार का करीब 40 गुना है. अभी तक हर साल मुश्किल से 30 से 40 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण हो रहा है.

रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि तेजी से विद्युतीकरण का लक्ष्य पूरा करने के लिए अब ईपीसी मॉडल अपनाया जाएगा. इनके अनुसार ईपीसी मॉडल पर विद्युतीकरण करने से इस काम पर खर्च होने वाली लागत में कमी हो जाएगी. इस अधिकारी ने बताया, ‘रेलवे की लागत कम करने और उत्पादकता में सुधार के लिए विद्युतीकरण बहुत जरूरी है. इससे ट्रेनों की गति बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. साथ ही सड़क पर बोझ और कार्बन फुटप्रिंट घटाने में भी मदद मिलेगी.’ रेल मंत्रालय के अनुसार अगले चार साल में विद्युतीकरण परियोजना पर कम से कम 35,000 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है.

रेल मंत्रालय के अनुसार शत-प्रतिशत विद्युतीकरण होने पर ऊर्जा पर हो रहा मौजूदा खर्च 26,500 करोड़ रुपये से घटकर 16,000 करोड़ रुपये हो जाएगा. रेल मंत्रालय के अनुसार पिछले कुछ सालों में विद्युतीकरण सहित तमाम उपायों से इस वित्त वर्ष में विद्युत इंजनों पर होने वाले खर्च में भी करीब 3,000 करोड़ रुपये की कमी होने की संभावना है. अधिकारियों के अनुसार रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण की इस कवायद से रेलवे के परिचालन खर्च में सुधार होने की उम्मीद है.