जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) से लापता छात्र नजीब अहमद के मामले में संदिग्ध छात्रों के पॉलीग्राफ टेस्ट की याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. वह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार इसमें जेएनयू के नौ संदिग्ध छात्रों के लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराने की इजाजत मांगी गई है. इस पर पिछले महीने सुनवाई करते हुए अदालत ने सभी संदिग्ध छात्रों से 10 नवंबर तक पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के बारे में अपना जवाब देने का निर्देश दिया था.

उधर, मंगलवार को सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले की जांच पर स्थिति रिपोर्ट पेश की. इसमें जांच एजेंसी ने कहा कि जिस ऑटो ड्राइवर ने नजीब अहमद को जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी छोड़ने की बात कही थी, वह अब अपने बयान से मुकर गया है. पिछले महीने सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई की जमकर खिंचाई की थी. अदालत ने कहा था कि नजीब अहमद का पता लगाने में सीबीआई दिलचस्पी ही नहीं दिखा रही है, इसलिए कागज पर भी कोई परिणाम नहीं दिखाई दे रहा है.

बीते साल 15 अक्टूबर को जेएनयू में नजीब अहमद की कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों के बीच मारपीट हुई थी. इसके अगले दिन से वह लापता हो गया था. इसके बाद नजीब अहमद की मां ने दिल्ली हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई थी. नजीब अहमद का पता लगाने में दिल्ली पुलिस की नाकामी देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने इस साल मई में इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी थी.