सोशल नेटवर्किंग साईट ट्विटर ने दुनिया भर के दक्षिणपंथियों की चिंता बढ़ा दी है. उसने अपनी नई नीति के तहत अमेरिका के कई चर्चित दक्षिणपंथी नेताओं की प्रोफाइल से ‘वेरिफिकेशन बैज’ हटा लिया है. ट्विटर द्वारा ‘वेरिफिकेशन बैज’ मशहूर हस्तियों, चर्चित संस्थानों और संगठनों को दिया जाता है. ट्विटर पर इसे नील रंग के ‘टिक मार्क’ से दर्शाया जाता है, जो किसी यूजर के नाम के आगे दिखता है. इसे पाने वाले व्यक्ति को ट्विटर एक आम यूजर से अलग कई अतिरिक्त सुविधाएं देता है.

अमेरिकी मीडिया के मुताबिक बुधवार को ट्विटर ने अमेरिका के कई दक्षिणपंथी नेताओं के अकाउंट से इस विशेष सहूलियत को हटा लिया है. इनमें जाने-माने दक्षिण पंथी नेता जेसन कैसलर, रिचर्ड स्पेन्सर, लौरा लूमर और ब्रिटेन स्थित एक इस्लाम विरोधी संगठन के पूर्व नेता टॉमी रॉबिन्सन शामिल हैं.

बीते अगस्त में वर्जीनिया के शार्लट्सविल इलाके में ‘श्वेत वर्चस्ववादी’ समूह की एक बड़ी रैली आयोजित हुई थी. जेसन कैसलर और रिचर्ड स्पेन्सर द्वारा आयोजित की गई इस रैली की वजह से उस समय अमेरिका में माहौल काफी ज्यादा तनावपूर्ण हो गया था. लौरा लूमर भी पिछले दिनों मुस्लिम विरोधी ट्वीटस की वजह से खासी चर्चा में रही थीं.

बुधवार को लौरा ने खुद ट्विट्टर के इस कदम पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी जानकारी दी है. उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, ‘ट्विटर ने एक मेल के जरिये सूचना दी है कि वे मेरे अकाउंट से वेरिफिकेशन बैज हटा रहे हैं. क्योंकि मेरा अकाउंट इस सुविधा के लिए बनाए गए नियमों का पालन नहीं करता.’

तकनीक से जुड़ी अमेरिकी वेबसाइट द वर्ज ने जब ट्विटर से इस बारे में सवाल किया तो कंपनी ने अपने नियम और शर्तों का हवाला दिया. द वर्ज के मुताबिक इन शर्तों में साफ़ लिखा है कि जो लोग या संगठन नस्ल, जाति, राष्ट्रीय मूल, लिंग, सम्प्रदाय, उम्र, विकलांगता या रोग के आधार पर नफरत या हिंसा को बढ़ावा देते हैं, उनसे कभी भी ‘वेरिफिकेशन बैज’ की सुविधा को वापस लिया जा सकता है.

हालांकि, ट्विटर द्वारा इस तरह के कठोर कदम उठाए जाने के संकेत पिछले महीने ही मिल गए थे. तब कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैक डॉर्सी ने कहा था कि वे ट्विटर पर लोगों की आवाज दबाने और उन्हें निशाना बनाए जाने की घटनाओं से चिंतित हैं और ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त नियम बनाने का निर्णय ले चुके हैं. उनका यह भी कहना था कि नए नियमों के तहत उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिनकी पोस्ट यौन हिंसा, नग्नता और नफरत फैलाने वाले समूहों आदि से संबंधित होंगी.