राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता और केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का प्रतिद्वंद्वी समझा जाता है. और द इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर उनके बीच इस प्रतिद्वंद्विता की धारणा की पुष्टि करती दिखती है. अख़बार के मुताबिक जयपुर ग्रामीण से सांसद राठौड़ इस बार राष्ट्रीय युवा उत्सव का आयोजन राजस्थान में कराना चाहते थे. लेकिन वसुंधरा राजे की सरकार ने इससे साफ इंकार कर दिया है.

निशानेबाजी में 2004 के ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाले राठौड़ के पास केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में युवक कल्याण एवं खेल मंत्रालय का जिम्मा है. इस हैसियत से उन्होंने राज्य सरकर को पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने 22वां राष्ट्रीय युवा उत्सव जयपुर में कराने की इच्छा जताई थी. लेकिन राज्य के खेल एवं युवक कल्याण मामलों के मंत्री गजेंद्र सिंह खीमसर ने उन्हें पत्र लिखकर इस आयोजन को कराने में असमर्थता जता दी है. जबकि दिलचस्प बात ये है कि इससे पहले राजस्थान युवा बोर्ड के अध्यक्ष भूपेंद्र सैनी ने खुद पत्र लिखकर राठौड़ के मंत्रालय से आग्रह किया था कि इस बार का राष्ट्रीय युवा उत्सव जयपुर में कराया जाए.

इस बाबत जब राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव जगदीश चंद्र मोहंती से पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘हां, प्रस्ताव (युवा उत्सव का) तो था. लेकिन हमने बता दिया है कि हमारी इसमें दिलचस्पी नहीं है क्योंकि इससे पहले (2011 में) उदयपुर में हम ऐसा आयोजन कर चुके हैं. क्रमिक तौर पर विभिन्न राज्यों से राष्ट्रीय युवा उत्सव के आयोजन की पेशकश की जाती है. काेई भी राज्य यह आयोजन कर सकता है.’

ग़ौरतलब है कि जनवरी में 12 से 16 तारीख के बीच राष्ट्रीय युवा सप्ताह के दौरान यह आयोजन होता है. इसमें विभिन्न राज्यों के करीब 6,000 प्रतिभागी अलग-अलग सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लेते हैं. पिछले साल यह अयोजन हरियाणा में हुआ था.