तमिलनाडु : आयकर विभाग को शशिकला व उनके परिवार द्वारा 1,430 करोड़ रुपए की कर चोरी का पता चला | सोमवार, 13 नवंबर 2017

आयकर विभाग की छापामारी के इतिहास में शायद यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हो. तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जयललिता की सहयोगी जिन शशिकला को कभी कोई छू तक नहीं सकता था उन्हीं के 187 ठिकानों पर पांच दिन तक आयकर विभाग की सैकड़ों टीमों ने जामा-तलाशी ले डाली. तलाशी अभियान अभी सोमवार को खत्म हुआ है और अब इस अभियान के दौरान पता लगी संपत्ति और दस्तावेज़ वग़ैरह की पड़ताल का काम चल रहा है. ख़बरों के मुताबिक इसमें अब तक 1,430 करोड़ रुपए की कर चोरी का पता चल चुका है.

द हिंदू के मुताबिक छापामारी का सिलसिला बीते गुरुवार को शुरू हुआ था. इस बारे में आयकर विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर अख़बार को बताया, ‘अभी कर चोरी का जो आंकड़ा आया है वह अंतिम नहीं है. यह अभी और बढ़ सकता है. अलबत्ता छापामारी का काम खत्म हो चुका है.’ उन्होंने बताया, ‘तमिलनाडु के अलावा कंपनी के बेंगलुरू, पुड्‌डुचेरी और नई दिल्ली स्थित ठिकानों पर भी छापामारी की गई. इसमें अब तक 15 बैंक खाते सील किए जा चुके हैं. जबकि 15 ही बैंक लॉकर अभी खोले जाने बाकी हैं. कई किलोग्राम के गहने, नगदी और संदिग्ध दस्तावेज़ जब्त किए गए हैं. अचल संपत्ति का अभी आकलन नहीं हुआ है. उसकी प्रक्रिया जारी है.’

कर्नाटक : सिद्धारमैया सरकार ने अंधविश्वास विरोधी नया विधेयक पेश किया | मंगलवार, 14 नवंबर 2017

सिद्धारमैया सरकार ने काफी आगे-पीछे होने के बाद मंगलवार को आखिरकार अंधविश्वास विरोधी नया विधेयक विधानसभा में पेश कर दिया. डेक्कन हेराल्ड के मुताबिक कर्नाटक के कानून मंत्री टीबी जयचंद्र ने नए विधेयक को विधानसभा में पेश किया. इसमें झाड़-फूंक, काला जादू, टोना-टोटका, खुद को चोट पहुंचाने वाले कर्मकांड, कांटों के बिस्तर पर बच्चों को ऊंचाई से फेंकना, महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाना और अलौकिक शक्तियों का नाम पर यौन शोषण जैसे अंधविश्वासों और कुरीतियों पर रोक लगाई गई है.

नए विधेयक का नाम कर्नाटक अमानवीय प्रथा और काला जादू निषेध और उम्मूलन विधेयक-2017 है. इसे 2013 में पेश कर्नाटक अंधविश्वास रोकथाम विधेयक की तुलना में काफी कमजोर बताया जा रहा है, क्योंकि इसमें संख्या विज्ञान और ज्योतिष को शामिल नहीं किया गया है.

चार और आपत्तिजनक वीडियो क्लिप सामने आने के बाद हार्दिक ने भाजपा को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी| बुधवार, 15 नवंबर 2017

गुजरात के युवा पाटीदार नेता हार्दिक पटेल लगातार सुर्ख़ियों में बने हुए हैं. उनकी कुछ कथित आपत्तिजनक वीडियो क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो रही हैं. हार्दिक इनके पीछे भारतीय जनता पार्टी की साजिश को जिम्मेदार मानते हैं और इसके लिए उन्होंने भाजपा को कानूनी कार्रवाई की धमकी भी दी है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक हार्दिक की चार और आपत्तिजनक वीडियो क्लिप सामने आई हैं. इनमें वे कथित तौर पर शराब पीते हुए और महिलाओं के साथ रंगरेलियां मनाते हुए देखे जा रहे हैं. हालांकि अख़बार के मुताबिक इनमें से किसी भी वीडियो क्लिप की प्रमाणिकता की अब तक पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन ये सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं. इससे हार्दिक की छवि को भी धक्का पहुंच रहा है.

हार्दिक ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है, ‘उन्हें (भाजपा को) लोगों की निजी जिंदगी में ताक-झांक करना अच्छा लगता है. उनके 22 साल पुराने विकास के जुमले की हवा निकल चुकी है. इसलिए वे गंदी राजनीति पर उतर आए हैं. इस बाबत मैं अपने वकीलों से बात करूंगा. जल्द ही साजिशकर्ताओं के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराऊंगा. और मैं यह भी बताना चाहता हूं कि चरित्र हनन की यह कोशिश पाटीदार आंदोलन पर असर नहीं डाल पाएगी.’

राफ़ेल सौदा : आरोपों पर फ़्रांस की सफ़ाई, रिलायंस डिफेंस ने कांग्रेस पर मुक़दमे की धमकी दी | गुरुवार, 16 नवंबर 2017

फ़्रांस के लड़ाकू विमान राफ़ेल की ख़रीद को लेकर शुरू हुए विवाद में फ़्रांस के राजनयिक सूत्रों ने प्रतिक्रिया दी है. सौदे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर कई आरोप लगाए थे जिन्हें उन्होंने साफ ख़ारिज किया. उन्होंने कहा है कि राफ़ेल की ख़रीद का सौदा भारत के हित में है. डेक्कन क्रॉनिकल के मुताबिक़ सूत्रों ने कहा कि एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत ‘बेहतरीन प्रदर्शन और प्रतियोगी दर’ की वजह से ही राफ़ेल का चुनाव किया गया था. सूत्रों ने कांग्रेस के आरोपों को घरेलू राजनीति का मुद्दा बताया. उन्होंने कहा कि आरोप लगाते समय तथ्यों की जांच किए जाने की ज़रूरत है.

राफ़ेल विमान ख़रीदने के सौदे के तहत मिलिट्री एयरोस्पेस रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रोगाम के लिए फ़्रांस की तरफ़ से 30 प्रतिशत रक़म दिए जाने का वादा किया गया है. साथ ही भारत में राफ़ेल के पुरज़ों के निर्माण के लिए 20 प्रतिशत रक़म देने की प्रतिबद्धता जताई गई है. यह पूछे जाने पर कि क्या फ़्रांस इस समझौते को आगे बढ़ाना चाहता है, सूत्रों ने कहा कि यह भारत पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा कि फ़िलहाल उनका ध्यान 36 विमानों को समय पर भारत पहुंचाने पर है.

उधर, एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़ डील में शामिल अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस लिमिटेड ने कहा है कि कांग्रेस अपने आरोप वापस ले नहीं तो वह पार्टी पर मुक़दमा करेगी. कंपनी की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस के यह आरोप लगाने के बाद आई कि फ्रांस की कंपनी डसाल्ट एवियेशन ने उसकी भारतीय साझीदार कंपनी रिलायंस डिफेंस को ग़लत तरीक़े से चुना है.

मूडीज ने 13 साल बाद भारत की ​क्रेडिट रेटिंग बढ़ाई | शुक्रवार, 17 नवंबर 2017

दुनिया की तीन सबसे बड़ी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों में से एक मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने शुक्रवार को 13 साल बाद भारत की शासकीय (सॉवरिन) क्रेडिट रेटिंग बीएए3 से बढ़ाकर बीएए2 कर दी है. यही नहीं, मूडीज ने भविष्य में भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में अपना आकलन ‘सकारात्मक’ से बढ़ाकर ‘स्थिर’ कर दिया है. मूडीज जैसी एजेंसियों की क्रेडिट रेटिंग का महत्व इसलिए होता है कि इससे किसी देश की आर्थिक सेहत का पता चलता है. किसी देश की रेटिंग जितनी बेहतर होती है, सरकार और कंपनियों दोनों के लिए बाहर से ज्यादा और सस्ती दरों पर निवेश हासिल करना उतना ही आसान होता है. यह विदेशी निवेशकों के लिए भी ‘गाइड’ का काम करती है.

भारत की क्रेडिट रेटिंग सुधरने की घोषणा करते हुए मूडीज ने आज कहा कि मोदी सरकार के विस्तृत​ आर्थिक और संस्थागत सुधारों के चलते यहां की अर्थव्यवस्था विकास पथ पर तेजी से अग्रसर हुई है. मूडीज ने मोदी सरकार के दो विवादास्पद आर्थिक फैसलों की तारीफ करते हुए कहा कि रेटिंग सुधरने की मुख्य वजह वस्तु एवं सेवा कर और नोटबंदी रही है. हालांकि मूडीज ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बैंकों की खराब सेहत और कर्ज की मौजूदा स्थिति देश के लिए चिंताजनक है. पर उसने उम्मीद भी जताई ​है कि सरकार इन समस्याओं से निपटने के कदम उठा रही है. मूडीज की ताजा घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जैसे नेताओं ने इसे एनडीए सरकार के कामों पर मुहर बताया है. वहीं कांग्रेस ने मूडीज के ताजा फैसले को खारिज करते हुए इसे मोदी सरकार के दबाव में लिया गया कदम बताया है.

जेडीयू का ‘तीर’ नीतीश कुमार के पास रहेगा | शनिवार, 18 नवंबर 2017

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव को चुनाव आयोग ने झटका दिया है. चुनाव आयोग ने फ़ैसला किया है कि जेडीयू में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन वाले समूह के पास पार्टी के चिह्न तीर का अधिकार होगा. लाइवमिंट की ख़बर के मुताबिक़ शुक्रवार को चुनाव आयोग ने नीतीश कुमार वाले जेडीयू को चुनाव चिह्न तीर का दावेदार माना. आयोग ने पार्टी संगठन, विधानसभा और विधान परिषद में विधायकों के समर्थन के आधार पर नीतीश कुमार के पक्ष में फ़ैसला सुनाया. मामले में दोनों तरफ़ से लिखित और मौखिक सबूत दिए गए थे. आयोग के फ़ैसले में कहा गया, ‘नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले समूह ने विधानसभा के साथ-साथ पार्टी की राष्ट्रीय परिषद में भी भारी बहुमत के साथ समर्थन दिखाया.’

इस मामले में गुजरात के नेता और शरद यादव के गुट के सदस्य छोटूभाई वसावा ने आवेदन कर उनके समूह के असली जेडीयू होने का दावा किया था. लेकिन चुनाव आयोग ने इसे भी ख़ारिज कर दिया. इस मामले में नीतीश कुमार और उनके लोग प्रतिवादी थे. चुनाव आयोग का फ़ैसला शरद यादव और उनके लोगों के लिए झटका है. गुजरात विधानसभा चुनाव को देखते हुए चुनाव आयोग ने इस मामले की तुरंत सुनवाई की. दोनों ही समूह चुनाव लड़ना चाहते हैं और पार्टी के चिह्न पर दावा कर रहे हैं. उन्होंने आयोग से जल्दी फ़ैसला लेने की अपील की थी.