बिहार में एक तरफ जहां 15 करोड़ रुपए के शौचालय घोटाले की आहट सुनाई दे रही है. वहीं दूसरी तरफ एक साधारण सी दलित महिला रुनकी देवी ने घर में शौचालय बनवाने के लिए मंगलसूत्र तक बेचकर नज़ीर पेश की है.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक 48 वर्षीय रुनकी देवी राजधानी पटना के नजदीकी वरुना गांव की रहने वाली हैं. उनके घर में शौचालय न हाेने से उन्हें भी अन्य महिलाओं की तरह असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा था. वे अक्सर पति परसुराम पासवान से कहती कि घर में शौचालय बनवा लेना चाहिए. लेकिन परसुराम ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया. इसी बीच उन्हें खुले में शौच से मुक्ति (ओडीएफ) की सरकारी योजना का पता चला.

रुनकी देवी ने इस योजना के तहत अपने स्तर पर ही घर में शौचालय बनवाने का फैसला किया. इसके लिए उन्होंने पहले अपना मंगलसूत्र बेचा. लेकिन इससे उन्हें सिर्फ 9,000 रुपए ही मिले. जबकि जरूरत इससे कुछ ज्यादा पैसों की थी. इसलिए उन्हें बिना किसी अफ़सोस के अपने सोने के झुमके भी बेच दिए. इस तरह उन्हें 4,000 रुपए और हासिल हो गए और इन पैसों की मदद से उन्होंने घर में एक बेहतर शौचालय बनवा लिया.

अख़बार से बातचीत के दौरान रुनकी बताती हैं, ‘मेरे पति ने जब घर में मजदूरों को ईंट, सीमेंट लातेे देखा तो वह एकदम चौंक गए. फिर जब उन्हें पता चला कि शौचालय बनवाने के लिए मैंने मंगलसूत्र बेच दिया है तो वे बहुत नाराज भी हुए. लेकिन हम सबकी इच्छा और खुशी देखकर जल्द ही उनका गुस्सा शांत हो गया और वे भी शौचालय बनवाने में मदद करने लगे. मेरी दोनों बेटियां भी घर में शौचालय बनने से बेहद खुश हैं.’

रुनकी देवी के इस कारनामे को गांव वालों और सरकारी अधिकारियों की भी भरपूर प्रशंसा मिल रही है. बताया जाता है कि इसी रविवार को विश्व शौचालय दिवस के मौके पर फतुहा ब्लॉक (रुनकी देवी का गांव इसी ब्लॉक के तहत आता है) के विकास अधिकारी (बीडीओ) ने शॉल ओढ़ाकर रुनकी देवी का सार्वजनिक अभिनंदन किया है. राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए भी उनका नाम जिला प्रशासन को भेजा गया है.