ख़ुफ़िया एजेंसियां इन दिनों आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) को लेकर मिली एक जानकारी की पुष्टि करने में जुटी हुई हैं. जानकारी के मुताबिक़ मौलाना मसूद अज़हर के नेतृत्व वाला यह आतंकी संगठन सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों समेत भाजपा के कई बड़े राजनेताओं और एक हाई प्रोफ़ाइल मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के लिए आतंकियों का एक विशेष जत्था तैयार कर रहा है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ़्ते हुई ख़ुफ़िया अधिकारियों की एक बैठक में यह जानकारी साझा की गई. शुरुआती संकेत बताते हैं कि इस काम के लिए जैश और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) ने हाथ मिला लिया है. ख़बर के मुताबिक़ लॉजिस्टिक्स के लिए ये दोनों संगठन बांग्लादेश स्थित एक अड्डे का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह भी बताया गया कि इस काम के लिए चुने गए लोगों में से कुछ सीमा पार कर भारत में घुस चुके हैं. रिपोर्टों में बताया गया है कि अपने साथ कम से कम सुरक्षा रखने वाला एक मुख्यमंत्री उनके निशाने पर है.

हालांकि इन तमाम जानकारियों की पुष्टि होना बाक़ी है. पता चला है कि एक विदेशी ख़ुफ़िया एजेंसी की टीमों ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका स्थित उस जगह का दौरा किया था जिसका ज़िक्र ख़ुफ़िया जानकारी में किया गया था. लेकिन वहां उन्हें कुछ नहीं मिला. सूत्रों ने बताया कि मौलाना मसूद अज़हर पर हुई क़ानूनी कार्रवाई और उसके भतीजे तलहा रशीद के भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा मारे जाने की वजह से जैश के शीर्ष स्तर के सदस्य काफ़ी ग़ुस्से में हैं. रशीद संगठन के कई बड़े हमलों में शामिल रहा था जिनमें पुलवामा स्थित पुलिस लाइन और श्रीनगर एयरपोर्ट पर हुए हमले शामिल थे.