बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर और पैन कार्ड को आधार से जोड़ने के आदेश के बाद अब मोदी सरकार लोगों को अपनी अचल संपत्तियों को भी आधार से लिंक करने को कह सकती है. इकनॉमिक टाइम्स की एक ख़बर के मुताबिक़ केंद्र सरकार में मंत्री हरदीप पुरी ने संकेत दिए हैं कि संपत्तियों के लेन-देन में आधार अनिवार्य किया जाएगा.

अख़बार से बात करते हुए आवास मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि ऐसे क़दम से रियल एस्टेट में लगा कालाधन बड़े पैमाने पर बाहर आएगा और बेनामी संपत्तियों पर क़ानूनी कार्रवाई करने में भी मदद मिलेगी. उनका कहना था, ‘संपत्ति के लेन-देन में आधार को जोड़ना एक अच्छा विचार है लेकिन मैं इसका ऐलान नहीं कर रहा हूं. हम पहले ही बैंक अकाउंट और अन्य चीज़ों से आधार को जोड़ रहे हैं और प्रॉपर्टी मार्केट के लिए भी कुछ क़दम उठाए जा सकते हैं.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार संकेत दिए हैं कि सरकार बेनामी संपत्तियों पर क़ानूनी कार्रवाई करेगी. यह पूछे जाने पर कि क्या आधार को संपत्ति के लेन-देन से जोड़ना अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता लाने के सरकार के अभियान की अगली कड़ी हो सकता है, केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘बिलकुल, यह इसी तरह आगे बढ़ रहा है. मुझे कोई शक नहीं ऐसा होगा.’

हरदीप पुरी के मुताबिक यह पूरी तरह सुनिश्चित करना बहुत मुश्किल है कि दो लोगों के बीच होना वाला कोई लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी हो. हालांकि उन्होंने कहा कि बड़ी क़ीमतों वाले लेन-देन और हवाई टिकट जैसी चीज़ों की निगरानी निश्चित ही की जा सकती है. केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘दुनिया में ऐसी कोई अर्थव्यवस्था नहीं जो पूरी तरह से कैशलेस हो. हालांकि स्थिर अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों में लोग भारी कैश ले जाने की ज़रूरत महसूस नहीं करते. हम भी उसी दिशा में बढ़ रहे हैं.’