हमारी पृथ्वी गोल है, यह बात दुनिया की सबसे सामान्य बातों में से एक है. लेकिन इस बात को सभी स्वीकार करें यह ज़रूरी नहीं. कैलिफ़ोर्निया के माइक ह्यूज उन लोगों में से हैं जो नहीं मानते कि धरती गोल है. माइक का मानना है कि धरती सपाट है, और वे यह साबित करने वाले हैं. इसके लिए उन्होंने ख़ुद ही कबाड़ से एक रॉकेट तैयार किया है जिस पर सवार होकर वे 1800 फ़ीट की ऊंचाई पर जाएंगे और तस्वीर खींचकर दिखाएंगे कि धरती गोल नहीं सपाट है.

माइक ह्यूज को ‘मैड माइक’ के नाम से भी जाना जाता है. उनका मानना है कि अंतरिक्षयात्रियों ने साज़िश के तहत धरती के आकार को लेकर मनगढ़ंत कहानी बनाई है. माइक का दावा है कि अंतरिक्षयात्रियों को अंतरिक्ष में भेजना एक छलावा है. वे नील आर्मस्ट्रांग और जॉन ग्लेन जैसे अंतरिक्षयात्रियों को अभिनेता मानते हैं जो केवल अंतरिक्ष में जाने का नाटक करते हैं. यही साबित करने के लिए शनिवार को वे मोहावी मरुस्थल से उड़ान भरेंगे. 61 साल के माइक का एकमात्र उद्देश्य है कि वे पृथ्वी से मीलों ऊपर आकाश की तरफ़ जाएं ताकि वहां से तस्वीर खींचकर अपनी बात साबित कर सकें. उनका दावा है कि उनके इस कारनामे के बाद धरती के गोल होने का दावा ग़लत साबित हो जाएगा.

मैड माइक ह्यूज डॉट कॉम
मैड माइक ह्यूज डॉट कॉम

माइक की बातें अजीब लग सकती हैं, लेकिन जहां तक उनके इंजीनियरिंग ज्ञान की बात है तो उन्हें पूरी तरह अनाड़ी नहीं माना जा सकता. उन्होंने अपना पहला रॉकेट साल 2014 में बनाया था. ऐरिज़ोना के विंकलमैन में उन्होंने 400 मीटर से ज़्यादा की उड़ान भरी थी, हालांकि इसकी लैंडिंग सही ढंग से नहीं हो पाई थी और इस दुर्घटना में उन्हें कई चोटें आई थीं. माइक अकेले व्यक्ति नहीं हैं जो धरती के गोल होने की थ्योरी को नकारते हैं. दुनियाभर में ऐसे लोग हैं जो मानते हैं कि धरती दरअसल सपाट है. हाल में कैलिफ़ॉर्निया में वार्षिक ‘फ़्लैट अर्थ’ कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. बीबीसी की ख़बर के मुताबिक़ ये सभी लोग मानते हैं कि धरती सपाट है. कार्यक्रम में शामिल लोग गोल धरती की थ्योरी को सबसे बड़ा झूठ बताते हैं.