मुंबई आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद नजरबंदी से आजाद हो गया है. अंग्रेजी अखबार द हिंदू के मुताबिक बुधवार को लाहौर हाई कोर्ट के न्यायिक समीक्षा बोर्ड ने हाफिज सईद की नजरबंदी तीन महीने के लिए बढ़ाने के सरकार के अनुरोध को खारिज कर दिया. लाहौर सरकार की दलील थी कि अगर जमात-उद-दावा (जेयूडी) प्रमुख हाफिज सईद को रिहा किया जा जाता है तो पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लग जाएगा.

संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और भारत द्वारा आतंकी घोषित हाफिज सईद को जस्टिस यावर अली की अध्यक्षता वाले समीक्षा बोर्ड के सामने पेश किया गया. सुनवाई के बाद बोर्ड ने कहा, ‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के नाम पर न्याय की परिकल्पना को प्रताड़ित और आतंकित नहीं किया जा सकता है.’ इसके साथ अदालत ने यह भी कहा कि हाफिज सईद अगर किसी दूसरे मामले में वांछित नहीं हैं तो उसे रिहा कर दिया जाना चाहिए. खबरों के मुताबिक हाफिज सईद को गुरुवार को रिहा किया जा सकता है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार अधिवक्ता उज्जवल निकम ने इसे पाकिस्तान सरकार की मूर्ख बनाने की एक और कोशिश करार दिया है. उन्होंने कहा, ‘अमेरिका को इस पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि उसने हाफिज सईद को वैश्विक आतंकी घोषित किया था.’ पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने इसी साल 31 जनवरी को आतंकवाद रोधी अधिनियम-1997 के तहत हाफिज सईद और उसके चार सहयोगियों को 90 दिन के लिए घर में नजरबंद कर दिया था. इसके बाद से उसकी नजरबंदी को लगातार बढ़ाया जा रहा था.