बुलेट जैसी मशहूर बाइक बनाने के लिए पहचाने जाने वाली रॉयल एनफील्ड ने इस रविवार अपनी दो नई बाइकों इंटरसेप्टर-650 और कॉन्टिनेंटल जीटी-650 से पर्दा हटा दिया है. कंपनी ने इन्हें प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले कार्यक्रम राइडर मैनिया के दौरान हजारों बाइक लवर्स के सामने पेश किया. इन दोनों बाइकों को रॉयल इनफील्ड ने अपनी अभी तक की उपलब्ध सबसे दमदार बाइक से करीब सौ सीसी ज्यादा यानी 650 सीसी क्षमता वाले इंजन से लैस किया है.

परफॉर्मेंस के लिहाज से देखा जाए तो यह एयरकूल्ड पैरेलल ट्विन इंजन 7100 आरपीएम पर अधिकतम 47 पीएस और 4000 एनएम पर 52 एनएम का अधिकतम टॉर्क पैदा करता है. इनमें से यदि इंटरसेप्टर की बात करें तो कंपनी ने इसके इंजन को खासतौर पर तैयार किए गए 6-स्पीड गियर ट्रांसमिशन से जोड़ा है. कंपनी का कहना है कि इसका बॉक्स स्लिप/असिस्ट क्लच फीचर भारी ट्रैफिक में भी आसान ड्राइविंग में मदद करता है.

लुक्स के लिहाज से देखा जाए तो कंपनी की इंटरसेप्टर आईएनटी-650 साठ के दशक की फन बाइक्स से प्रभावित नजर आती है. वहीं कॉन्टिनेंटल जीटी-650 एनफील्ड के ही मौजूदा मॉडल कॉन्टिनेंटल जीटी-535 जैसी ही दिखती है. इन गाड़ियों को पेश करते समय रॉयल एनफील्ड के सीईओ और निदेशक सिद्धार्थ लाल का कहना था, ‘रॉयल एनफील्ड खुद से जुड़े 25 लाख (2.5 मिलियन) भारतीय ग्राहकों के लिए सौगात लेकर आई है जो हम से कुछ ज्यादा की अपेक्षा रखते हैं.’ अपने बयान में लाल ने आगे जोड़ा ‘कीमत और मेंटेनेंस के मामले में ये दोनों बाइकें भारतीयों के लिए बहुत ही सुलभ साबित होंगी.’

देश-विदेश में रॉयल इनफील्ड को अपने दमदार लुक और प्रदर्शन के लिए खासा पसंद किया जाता रहा है. हालांकि बीच में एक समय ऐसा भी आया जब बाजार में हल्की और सस्ती बाइकों के आने से रॉयल एनफील्ड एकदम से पिछड़ती चली गई लेकिन 2009 में लॉन्च हुई क्लासिक सीरीज के साथ कंपनी ने बाजार में उतनी ही बेहतरीन वापसी भी की और आज उसका सितारा बुलंदी पर है.

अब इन दो नई मोटरसाइकिलों के साथ रॉयल एनफील्ड एक बार फिर ग्राहकों के एक नए वर्ग को आकर्षित करने की तैयारी में है. सवाल है कि क्या कंपनी अपनी इस कवायद में सफल रह पाएगी या नहीं? जवाब में जानकारों का अलग-अलग मत है.

कुछ ऑटोविशेषज्ञ मानते हैं कि अभी तक रॉयल एनफील्ड की बाइकें तकरीबन दो लाख के बजट में सिमट जाती थीं लेकिन पिछले कुछ सालों में देश के बाजार में हेवी बाइकों के प्रति ग्राहकों के क्रेज में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है. लिहाजा पहले से लगभग डेढ़ गुनी महंगी मोटरसाइकलें तैयार कर रॉयल इनफील्ड भी उस सेगमेंट में सेंध लगाने की तैयारी कर ली है जिसमें अधिकतर लोग हार्ले डेविडसन और ट्रंफ को चुनना पसंद करते हैं. उनके मुताबिक इस कोशिश में रॉयल एनफील्ड को अपनी भरोसेमंद छवि और देसी कंपनी होने का निश्चित तौर पर फायदा मिलेगा.

लेकिन विश्लेषकों का एक वर्ग का इस बात से बिल्कुल इत्तेफाक नहीं रखता. उनके अनुसार रॉयल एनफील्ड की बाइक्स को सबसे ज्यादा उनके शाही लुक की वजह से पसंद किया जाता है न कि परफॉर्मेंस की वजह से. एक बुलेट प्रेमी के शब्दों में ‘परफॉर्मेंस के लिहाज से देखा जाए तो बाजार में ऐसी कई बाइक्स मौजूद हैं जो इस्तेमाल करते समय रॉयल एनफील्ड से कहीं ज्यादा अच्छा प्रदर्शन करती हैं. लेकिन तब भी लोग इसकी तरफ खिंचे चले आते हैं तो वजह है सिर्फ इसका लुक.’

वे आगे कहते हैं, ‘इन दोनों बाइकों के साथ रॉयल एनफील्ड ने चाहे जितनी मेहनत की हो लेकिन परफॉर्मेंस के मामले में ये विदेशी मोटरसाइकिलों के सामने ये कितना टिक पाएंगी कहना मुश्किल है . लेकिन यदि कंपनी नए लुक की बजाय अपने सिग्नेचर स्टाइल वाले क्लासिक लुक को ही अपडेट कर के बाजार में उतारती तो ये बाइकें पहली ही झलक में लोगों की धड़कनें बढ़ा सकती थीं.’ अपनी दलील के पक्ष में वे आगे तर्क देते हैं कि यदि इंजन की क्षमता बढ़ाने और अलग लुक देने से ग्राहकों को खींचा जा सकता तो हाल में लांच कंपनी की हिमालयन बंद होने के कगार पर नहीं पहुंचती.