देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स अपनी लखटकिया कार नैनो का नया रूप पेश करने की तैयारी में है. खबरों के मुताबिक कोयंबटूर की ऑटोमोबाइल कंपनी जयम ऑटोमोटिव्स टाटा मोटर्स के साथ मिलकर बाजार में जल्द ही नियो ब्रांड के तहत नैनो का इलेक्ट्रिक वर्जन उतारेगी. सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस कार को अगले सप्ताह ही लॉन्च करने वाले हैं. टाटा मोटर्स ने इस साझेदारी के बारे में एक बयान जारी कर बताया कि 48 वोल्ट की क्षमता वाली नियो पूरी तरह चार्ज होने के बाद (एसी सहित) 150 किलोमीटर की दूरी तय कर पाने में सक्षम होगी.

जयम ऑटोमोटिव्स के प्रबंध निदेशक जे आनंद ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि नियो के लिए इलेक्ट्रिक ड्राइव प्रणाली को इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी तकनीकें विकसित करने वाली कंपनी इलेक्ट्रा ईवी ने तैयार किया है. उनके मुताबिक नियो की पहली खेप की आपूर्ति जल्द ही की जाएगी. आनंद के शब्दों में ‘देश की लगभग सभी प्रमुख वाहन कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहन बनाने की दौड़ में शामिल हो रही हैं. इसके चलते जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहन ट्रेंड में आ जाएंगे.’ इससे पहले आई खबरों के मुताबिक दिल्ली समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण मुक्त आवागमन को बढ़ावा देने के लिए टैक्सी सर्विस प्रदाता ओला कैब्स इन 400 नियो को अपने फ्लीट में शामिल कर सकती है.

बता दें कि टाटा मोटर्स ने नैनो को बाजार में लखटकिया कार की तरह पेश किया था जिसका खामियाजा उसे उठाना पड़ा. इस बारे में जानकारों का कहना है कि भारत जैसे देश में जहां आज भी कारों को सुविधा से शान का प्रतीक समझा जाता है वहां कोई भी अपने साथ सस्ती कार का टैग नहीं जोड़ना चाहता. हालांकि छोटे टर्निंग रेडियस और इंजन पीछे होने से रियर व्हील ड्राइव के चलते कुछ पहाड़ी इलाकों में नैनो को ठीकठाक प्रतिक्रिया जरूर मिली, लेकिन देश के ज्यादातर इलाकों में इस कार को नकार दिया गया. इसके बाद से ही टाटा मोटर्स नैनो के इलेक्ट्रिक वर्जन को तैयार करने में जुटी हुई थी.

जीप ने कंपस की कई यूनिट रीकॉल की

अंतरराष्ट्रीय बाजार में एसयूवी बनाने के लिए पहचाने वाली कंपनी जीप ने कुछ महीने पहले लॉन्च हुई अपनी कंपस की कई यूनिटों को रीकॉल करने का फैसला लिया है. बताया जा रहा है कि कंपनी ने यह कदम सेफ्टी फीचरों में आ रही खामियों की शिकायतों को देखते हुए उठाया है. जानकारों के मुताबिक कंपस की कई यूनिटों में लूज़ फास्टनर की समस्या (दुर्घटना की स्थिति में एयरबैग सही समय पर नहीं खुल पाना) सामने आई थी. हालांकि कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि आनुपातिक तौर पर रीकॉल की जाने वाली गाड़ियों की संख्या एक प्रतिशत से भी कम है. लेकिन एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में कंपस की 8000 यूनिट बेची गई थीं जिनमें से करीब 1200 कारों को वापिस मंगवाया गया है जो कि कंपनी के दावे से कहीं ज्यादा है.

खबरों की मानें तो भारत के अलावा जीप ने अमेरिका से भी करीब 7000 यूनिटों को वापिस मंगवाया है. ऑटोविशेषज्ञों के अनुसार रीकॉल की गई गाड़ियों में एक्सीडेंट होने की दशा में एयरबैग खुलने में कुछ क्षणों की देर हो रही थी जो दुर्घटना होने पर पैसेंजर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती थी. कुछ ऑटोवेबसाइटों के मुताबिक जीप ने ऐहतियातन अपने बाकी ग्राहकों को भी इस बारे में सूचना देने का फैसला लिया है. यदि आपके पास भी कंपस है तो आप इससे जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए जीप की ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं.

रॉयल एनफील्ड ने दो नई बाइक बाजार में उतारीं

बुलेट जैसी मशहूर बाइक बनाने के लिए पहचाने जाने वाली रॉयल एनफील्ड ने इस रविवार अपनी दो नई बाइकों इंटरसेप्टर-650 और कॉन्टिनेंटल जीटी-650 से पर्दा हटा दिया है. कंपनी ने इन्हें प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले कार्यक्रम राइडर मेनिया के दौरान हजारों बाइक लवर्स के सामने पेश किया. इन दोनों बाइकों को रॉयल एनफील्ड ने अपनी अभी तक की उपलब्ध सबसे दमदार बाइक से करीब सौ सीसी ज्यादा यानी 650 सीसी क्षमता वाले इंजन से लैस किया है.

परफॉर्मेंस के लिहाज से देखा जाए तो यह एयरकूल्ड पैरेलल ट्विन इंजन 7100 आरपीएम पर अधिकतम 47 पीएस और 4000 एनएम पर 52 एनएम का अधिकतम टॉर्क पैदा करता है. इनमें से यदि इंटरसेप्टर की बात करें तो कंपनी ने इसके इंजन को खासतौर पर तैयार किए गए 6-स्पीड गियर ट्रांसमिशन से जोड़ा है. कंपनी का कहना है कि इसका बॉक्स स्लिप/असिस्ट क्लच फीचर भारी ट्रैफिक में भी आसान ड्राइविंग में मदद करता है.

लुक्स के लिहाज से देखा जाए तो कंपनी की इंटरसेप्टर आईएनटी-650 साठ के दशक की फन बाइक्स से प्रभावित नजर आती है. वहीं कॉन्टिनेंटल जीटी-650 एनफील्ड के ही मौजूदा मॉडल कॉन्टिनेंटल जीटी-535 जैसी ही दिखती है. इन गाड़ियों को पेश करते समय रॉयल एनफील्ड के सीईओ और निदेशक सिद्धार्थ लाल का कहना था, ‘रॉयल एनफील्ड खुद से जुड़े 25 लाख (2.5 मिलियन) भारतीय ग्राहकों के लिए सौगात लेकर आई है जो हम से कुछ ज्यादा की अपेक्षा रखते हैं.’ अपने बयान में लाल ने आगे जोड़ा ‘कीमत और मेंटेनेंस के मामले में ये दोनों बाइकें भारतीयों के लिए बहुत ही सुलभ साबित होंगी.’

देश-विदेश में रॉयल एनफील्ड को अपने दमदार लुक और प्रदर्शन के लिए खासा पसंद किया जाता रहा है. हालांकि बीच में एक समय ऐसा भी आया जब बाजार में हल्की और सस्ती बाइकों के आने से रॉयल एनफील्ड एकदम से पिछड़ती चली गई लेकिन 2009 में लॉन्च हुई क्लासिक सीरीज के साथ कंपनी ने बाजार में उतनी ही बेहतरीन वापसी भी की और आज उसका सितारा बुलंदी पर है.